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महज 3 घंटे का ही रहा शिक्षा मंत्री का कार्यकाल, आरोपों से घिरे मेवालाल चौधरी ने दिया इस्तीफा

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महज 3 घंटे का ही रहा शिक्षा मंत्री का कार्यकाल, आरोपों से घिरे मेवालाल चौधरी ने दिया इस्तीफा

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महज 3 घंटे ही रहे बतौर शिक्षामंत्री रहे मेवालाल ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया। और कई दिनों से नीतीश पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोपों को वुराम मिला । बताया दें कि जेडीयू कोटे से मंत्री की बने मेवालाल के कारण शुरू से ही विपक्ष हमलावर हो रहा था। साथ ही बीजेपी ने भी इस मामले पर अपना पल्ला झाड़ लिया था। जिससे नीतीश की लगातार किरकिरी हो रही थी।

क्यों आए मेवालाल विपक्ष के निशाने पर

मेवालाल चौधरी पर सहायक प्राध्यापक और जूनियर वैज्ञानिकों की नियुक्ति में अनियमितता बरतने के आरोप है। मेवालाल चौधरी जब सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के साल 2010-2015 तक वाइस चांसलर थे, तब नियुक्ति की अनियमितता को लेकर उन पर सबौर थाने में एफ़आईआर दर्ज किया गया और फ़िलहाल वो ज़मानत पर हैं। लेकिन मेवालाल चौधरी इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त तत्कालीन बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। जांच में मेवालाल के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया गया था। उन पर सबौर कृषि यूनिवर्सिटी के भवन निर्माण में भी घपलेबाजी का आरोप है। इस संबद्ध में नीतीश कुमार भी कुछ बोलने से परहेज करते रहे।

इस्तीफे का दवाब क्यों

हालांकि पदभार ग्रहण करने के बाद एक निजी चैनल को इंटरव्यू देते हुए मेवालाल चौधरी ने कहा कि जो हमारे खिलाफ बोल रहे हैं और यह कह रहे है कि मेरी पत्नी की मौत के लिये मैं जिम्मेवार हूं, उनके खिलाफ आज ही 50 करोड़ की मानहानि का केस करुंगा। आपको बताया दूँ कि पूर्व IPS अमिताभ दास का आरोप है कि मेवालाल की पत्नी पूर्व विधायक नीता चौधरी की पिछले साल हुई संदिग्ध मौत के तार नियुक्ति घोटाले से जुड़े हो सकते हैं। इस संदर्भ में उन्होंने DGP को एक पत्र लिखकर शिक्षा मंत्री से पूछताछ करने का आग्रह किया । साथ ही विपक्ष भी लगातार ट्विटर के माध्यम से नीतीश के खिलाफ तंज कस रहा था । सूत्र बता रहे हैं कि नीतीश कुमार से कल मेवालाल चौधरी की मुलाकात हुई थी। और तभी से ही नीतीश द्वारा इस्तीफा मांगने के कयास लगाए जा रहे थे।

नीतीश का बैकफूट पर आना

मेवालाल के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार बैकफूट पर आते दिख रहे हैं। हालांकि अब उनपर अशोक चौधरी से भी इस्तीफा देने का भी दवाब बढ़ सकता है। क्योंकि अशोक चौधरी पर भी बैंक लोन घोटाले के आरोप लगते रहे हैं। मेवालाल के इस्तीफे के बाद विपक्ष नीतीश के खिलाफ और भी मुखर हो गया है। तेजस्वी ने तुरंत ट्वीट कर नीतीश को ही असली गुनहगार बताया है। ये तो तय है कि चौतरफा आरोपों से घिरे नीतीश के लिए यह कार्यकाल उतना आसान नहीं होने वाला है ।

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