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सिनेमा की साधना में ‘ऋषि’

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सिनेमा की साधना में ‘ऋषि’

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ऋषि कपूर शायद अकेले कलाकार हैं जिनकी फिल्मों की चर्चा खूब होती थी, लेकिन वजह अक्सर वो या उनकी एक्टिंग नहीं, कुछ और होती थी। लीड एक्टर के तौर पर उनकी पहली फिल्म थी बॉबी जो राजकपूर ने इसलिए बनाई थी ताकि मेरा नाम जोकर का कर्ज उतार सकें। इस फिल्म को इसलिए भी याद किया जाता है क्योंकि इमरजेंसी के खिलाफ जेपी की रैली को रोकने के लिए दूरदर्शन पर इसे दिखाया गया था। खैर जेपी चले,…बॉबी चली …खूब चली, राज कपूर का कर्ज खत्म हो गया लेकिन नाम डिंपल का हुआ। लैला मजनूं चली नाम ज्यादा रंजीता का हुआ। प्रेम रोम पद्मिनी कोल्हापुरे, चांदनी और नगीना श्रीदेवी, दीवाना दिव्या भारती और शाहरुख के नाम पर चली। सागर में कमल हासन और दामिनी में  सनी देओल के सामने वो जैसे होकर भी कहीं नजर नहीं आए। इसी दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ कई फिल्में कीं… कभी-कभी, अमर अकबर एंथोनी, नसीब  और कुली। ये सभी फिल्में कामयाब थीं, लेकिन कामयाबी की वजह वो नहीं अमिताभ बच्चन थे। शम्मी कपूर के बाद और मिथुन के आने के बीच के इस दौर में चंद सालों के लिए ऋषि कपूर डांसर भी माने जाते थे, क्योंकि ये अमिताभ, धर्मेंद्र और जीतेंद्र जैसे सितारों का दौर था। जिनके लिए डांसिंग का मतलब पेड़ के चारों तरफ घूमना भर होता था। ऋषि की ज्यादातर फिल्में हिट होती रहीं और क्रिटिक ऋषि का जिक्र भी करते रहे, मगर बस फुटनोट में। धीरे-धीरे संगम और कर्ज वाला ऋषि कपूर जो अपने दम पर फिल्म हिट करा सकता था कहीं नेपथ्य में चला गया। अपने हर फिल्म में ऋषि, ऋषि कपूर ही नजर आ रहे थे। लोग पूछते थे –क्या ये राजकपूर का बेटा है? ये सवाल तब तक रहा जब तक उनके और दोनों भाई रंधीर कपूर और राजीव कपूर की एक्टिंग पब्लिक ने देख कर छाती पर मुक्का नहीं मार लिया।

और तब जबकि सबने ऋषि कपूर को चुका हुआ मान लिया था वो नजर आए अग्निपथ में। फिल्म में अगर कोई किरदार रोंगटे खड़े कर देने वाला था, याद रखने वाला था, तो वो था रऊफ लाला का किरदार। ऋषि कपूर के करियर की ये 132वीं फिल्म थी। एक एक्टर के तौर पर ये उनका हिन्दी सिनेमा में 57वां साल था। साठे पर पाठे वाली कहावत शायद ऋषि के लिए ही बनी थी।

अगर आप चंद्रधर शर्मा गुलेरी को उनकी एक कहानी –उसने कहा था – के लिए याद करते हैं तो रऊफ लाला के लिए ऋषि को याद कीजिए।

 सिनेमा का ये वो साधक है, जिसकी तपस्या का फल अकसर दूसरों का मिला। ये राजकपूर का बेटा है, लायक बेटा। इतना लायक तो वो है ही कि लोग उसके बेटे की फिल्म देख कर कहेंगे- देखो ऋषि कपूर का बेटा है… इतनी एक्टिंग तो कर ही लेगा।

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