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आखिर बृजभूषण पर गिरी गाज, जांच होने तक पद से हटेंगे

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आखिर बृजभूषण पर गिरी गाज, जांच होने तक पद से हटेंगे

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Brijbhushan

भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरने पर बैठे पहलवानों ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद शुक्रवार देर रात विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया। सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए एक निरीक्षण समिति बनाने का एलान किया है। इस समिति को चार हफ्ते में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार अंतिम फैसला लेगी।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ बैठक की। बैठक के बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि बैठक के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी मांगें रखीं और हमने इस पर चर्चा की। हमने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) को नोटिस जारी किया था, जब आरोप लगाए गए थे और उन्हें 72 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कहा था।

केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि एक निरीक्षण समिति का गठन किया जाएगा और उसके लिए नामों की घोषणा शनिवार को की जाएगी। समिति चार सप्ताह में अपनी जांच पूरी करेगी और डब्ल्यूएफआई और उसके प्रमुख के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों की गहन जांच करेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण सिंह निरीक्षण समिति द्वारा जांच पूरी होने तक चार सप्ताह के लिए भारतीय कुश्ती संघ से अलग हो जाएंगे और वह जांच में शामिल होंगे। जांच पूरी होने तक डब्ल्यूएफआई की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों पर एक समिति नजर रखेगी। निगरानी समिति उनके खिलाफ लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी।

मामले की जांच होने तक न सिर्फ बृजभूषण बल्कि अन्य पदाधिकारी भी कुश्ती संघ के कार्य से दूर ही रहेंगे। तब तक यह समिति ही संघ का कामकाज देखेगी। इससे पहले, खेल मंत्री लगातार तीन दिनों से अपनी मांग पर अड़े पहलवानों को पांच घंटे की दूसरे दौर की बैठक के बाद मनाने में सफल रहे। शिकायतों के निवारण के आश्वासन पर पहलवानों ने धरना खत्म करने का फैसला किया। बैठक के बाद खेल मंत्री ठाकुर, विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक समेत कई पहलवानों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न, वित्तीय अनियमिता व प्रशासनिक लापरवाही समेत कई आरोप लगाए हैं। इससे पहले दिन में बृजभूषण ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने मुंह खोला तो सुनामी आ जाएगी।

पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री ने हमारी मांगों को सुना और उचित जांच का आश्वासन दिया। मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं और हमें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच होगी और सच सामने आएगा, इसलिए हम विरोध वापस ले रहे हैं। पहलवानों के शिकायती पत्र पर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भी बैठक बुलाकर मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति बनाई है। यह समिति एथलीट कमीशन की अध्यक्ष एमसी मैरीकॉम के नेतृत्व में बनाई गई है। यह समिति बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी।

जांच समिति में मैरीकॉम के अलावा सहदेव यादव, अलकनंदा अशोक, तीरंदाज डोला बनर्जी, पहलवान योगेश्वर दत्त के अलावा वकील तलिश राय व श्लोक चंद्रा शामिल हैं। समिति शनिवार से पहलवानों से मिलकर आरोपों के साक्ष्यों पर बात करेगी। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया। यौन शोषण के आरोपों पर कहा, सब झूठ बोल रहे हैं और लोग जान भी रहे हैं। मैंने मुंह खोला तो सुनामी आ जाएगी। इस्तीफे पर कहा कि मुझे इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया है। 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया है। जवाब भेज दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं किसी की दया पर यहां नहीं बैठा हूं। मैं चुना हुआ अध्यक्ष हूं। बृजभूषण ने कहा, देश के 97 फीसदी पहलवान मेरे साथ हैं। सिर्फ तीन फीसदी पहलवान विरोध में हैं। साथ ही कहा कि विदेश नहीं भागूंगा।

After all, Brijbhushan fell on the ground, till the investigation is done, he will step down

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