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अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, इस बार नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

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अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, इस बार नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव

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समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने एलान किया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव (Vidhansabha Chunav) नहीं लड़ेंगे. उन्होंने एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान ये बयान दिया. अखिलेश यादव विधान परिषद सदस्य रहे हैं और अब जब उन्होंने चुनाव न लड़ने का यह एलान किया है तो स्पष्ट हो गया है कि इस बार भी वह विधान परिषद के जरिए ही सदन के सदस्य बनेंगे. अभी अखिलेश के पास आजमगढ़ लोकसभा सीट की सांसदी है.

आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव ने कहा है कि वह छोटी पार्टियों से गठबंधन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के लिए उनकी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच गठबंधन के बाद सीटों पर अंतिम चरण में बातचीत चल रही है। चुनाव में चाचा शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को साथ लेने की संभावना पर कहा कि मुझे इसमें कोई समस्या नहीं है। उन्हें और उनके लोगों को उचित सम्मान दिया जाएगा।

दरअसल, अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर अपना पूरा ध्यान रखना चाहते हैं। शायद यही वजह है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। हालांकि बाद में पार्टी के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि अखिलेश यादव इस बार चुनव लड़ेंगे या नहीं, यह पार्टी अभी तय करेगी।

प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी 2017 में जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब वह गोरखपुर से सांसद थे. बाद में वह विधान परिषद के जरिए सदन के सदस्य बने. हालांकि इस बार चर्चा है कि योगी अयोध्या से चुनाव लड़ सकते हैं. इस बार के चुनाव में सत्तासीन भाजपा के आगे अखिलेश की सपा ही मुख्य चुनौती है.

उधर अखिलेश यादव के जिन्ना वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया है. योगी ने कहा कि जिन्ना से पटेल की तुलना शर्मनाक है. अखिलेश यादव को जनता से माफी मांगनी चाहिए. विभाजनकारी मानसिकता जनता स्वीकार नहीं करेगी. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान अत्यंत शर्मनाक है. सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत की एकता और अखंडता के शिल्पी हैं.

योगी ने कहा कि ये तालिबानी मानसिकता है. हर वक्त तोड़ने का प्रयास करती है. पहले जाति और अन्य वादों के नाम पर तोड़ने की प्रवृत्ति, जब वो अपने मंसूबों पर सफल नहीं हो रहे हैं, तो महापुरुषों पर लांछन लगा कर पूरे के पूरे समाज को अपमानित करने का प्रयास कर रहे हैं.

Akhilesh Yadav’s big announcement, this time will not contest assembly elections

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