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Bihar..किसान आंदोलन के बहाने तेजस्वी ने खेल मास्टरस्ट्रोक

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Bihar..किसान आंदोलन के बहाने तेजस्वी ने खेल मास्टरस्ट्रोक

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Bihar..पूरे देश में हो रहे किसान आंदोलन की धमक अब Bihar की सियासत में भी गूंजने लगी है। किसानों के मुद्दों को Bihar में विपक्ष ने हाथों-हाथ लिया है। और किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए RJD आज पटना के गांधी मैदान में गांधी जी के प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन कर रही है। धरना प्रदर्शन में RJD के साथ Congress और वाम दल भी समर्थन दे रही है।

हालांकि इससे पहले प्रशासन ने गांधी मैदान से लोगों को बाहर निकालकार इसे सील कर दिया । और साफ कह दिया कि गांधी मैदान में धरना देना अधिकृत नहीं है। इसलिए यहाँ प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। गांधी मैदान मैदान को सील करने के बावजूद विपक्ष ने 4 नंबर गेट पर ही धरना दिया और जमकर नारेबाजी करने लगे।

तेजस्वी यादव ने कहा है कि ‘मैं Bihar के किसान और संगठनों से अपील करता हूं कि इस काले कानून के खिलाफ सड़कों पर आए और इस आंदोलन को मजबूत करें। पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसानों में आक्रोश है। यह वही सरकार है जो किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करनी की बात करती है। लेकिन एमएसपी को खत्म कर दिया है। कृषि को भी प्राइवेट हाथ को सौंप रही है, जिससे प्राइवेट कंपनियों से किसान खरीद बिक्री करेंगे। लेकिन सरकार के सारे फैसले को हमलोगों ने देखा…चाहे नोटबंदी हो गया कुछ हो। देश भर में मौजूदा सरकार से किसान नाराज हैं। ये किसान विरोधी कानून है, किसानों को सही मूल्य मिलना चाहिए। कई जगहों पर कर्ज में डूबने से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जो अन्यदाता है उनके के लिए इस तरह का कानून बनाना देश के खिलाफ है।

धनदाता और अन्नदाता की इस लड़ाई में हम अन्नदाता के साथ खड़े है। क्या किसानों के समर्थन में आवाज़ उठाना, उनकी आय दुगुनी करने के लिए नए क़ानूनों में अनिवार्य रूप से MSP की माँग करना, खेत-खलिहान को बचाने की लड़ाई करना अपराध है? अगर है तो हम यह अपराध बार-बार करेंगे?: तेजस्वी यादव

Bihar.. में किसान आंदोलन ने विपक्ष को केंद्र और Nitish Government पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। इस बहाने विपक्ष किसानों के साथ अपनी हमदर्दी दिखाकर उन्हें अपनी तरफ लामबंद करने की कोशिश में जुटा है। विपक्ष ने किसान आंदोलन की आड़ में बिहार सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि Bihar के किसानों को भी ठगा जा रहा है। उन्हें फसलों का सही मूल्य मिलना चाहिए। बड़ी संख्या में किसान कर्जदार हैं। आत्महत्या कर रहे हैं। Bihar का 70-80 फीसद लोग कृषि पर निर्भर हैं। कानून बनाने से पहले परामर्श कर लेना चाहिए था, जो नहीं हुआ। बिहार में कहीं भी धान की खरीद नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री भी झूठ बोल रहे हैं।

देश में उठी किसान आंदोलन की लहर की जद में अब Bihar की सियासत के साथ-साथ किसान भी आ गए हैं। विपक्ष ने Bihar के किसानों को नीतीश सरकार के खिलाफ एकजुट करने की पूरी तैयारी कर ली है।

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