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राजीव के दोषियों की रिहाई के खिलाफ SC पहुंचा केंद्र, फैसले पर दोबारा विचार की मांग

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राजीव के दोषियों की रिहाई के खिलाफ SC पहुंचा केंद्र, फैसले पर दोबारा विचार की मांग

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केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दोषियों को रिहा करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. सरकार ने इसके जरिए दोषी ठहराई गई नलिनी समेत छह दोषियों को सजा में छूट देने के फैसले में सुप्रीम कोर्ट से दोबारा विचार करने की मांग की. यह पुनर्विचार याचिका आज, गुरुवार को दायर की गई.

11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पीएम राजीव गांधी के दोषियों को रिहा किए जाने का आदेश जारी किया था. कोर्ट के आदेश के बाद नलिनी समेत छह दोषियों को जेल से रिहा कर दिया गया था. राजीव गांघी हत्याकांड मामले में नलिनी और पी रविचंद्रन 30 साल से ज्यादा की सजा काट चुके थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नलिनी, संथान, मुरुगन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन को जेल से रिहा कर दिया गया था. इससे पहले 18 मई, 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक और दोषी पेरारिवलन को रिहाई का आदेश दिया था. बाकी दोषियों ने भी उसी आदेश का हवाला देकर कोर्ट से रिहाई की मांग की थी. कोर्ट ने माना कि पेरारिविलन मामले में एससी का फैसला बाकी 6 दोषियों पर भी लागू होता है.

राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों की रिहाई को कांग्रेस ने “दुर्भाग्यपूर्ण” और “गलत” बताया था. कांग्रेस ने कहा था कि दोषियों की रिहाई नहीं की जानी चाहिए थी. कांग्रेस ने कहा कि “यह हत्या एक पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ा है, ये कोई लोकल मर्डर नहीं है.” कांग्रेस ने पूर्व पीएम की हत्या को राष्ट्रीय मुद्दा बताया था और कहा था कि यह अन्य मर्डर की तरह नहीं है. हालांकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दोषियों को रिहा किए जाने के मामले पर कहा था कि उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है. राहुल ने दोषियों में एक पेरारिविलन की रिहाई पर यह बयान दिया था.

Center reaches SC against release of Rajiv’s convicts, demands reconsideration of decision

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