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भारत में पाकिस्तानी रूह अफ़जा पर बैन की मांग

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भारत में पाकिस्तानी रूह अफ़जा पर बैन की मांग

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Rooh Afza

भारत में पाकिस्तान का बना रूह अफ़ज़ा मिल रहा है, देश के अंदर अमेजन के जरिए इसे बेचा जा रहा है। इस मामले का खुलासा उस कंपनी ने किया है, जो भारत में यह रूह अफ़ज़ा बनाती है, यानि कि हमदर्द ग्रुप। अब कोर्ट ने इस रूह अफ़ज़ा को अमेजन से हटाने के लिए कहा है। दरअसल भारत में रूह अफ़ज़ा सिर्फ हमदर्द कंपनी बनाती है, उसी के पास उसका राइट है। अब हुआ यूं कि ईद के मौके पर रूह अफ़ज़ा की शॉर्टेज हो गई, तब पाकिस्तानी कंपनी ने रूह अफ़ज़ा की सप्लाई करने की सरकार से इजाजत मांगी थी। तब बात आई गई हो गई।

इसी बीच अमेजन पर रूह अफ़ज़ा की बिक्री होती रही। कंपनी को लगा कि जब मार्केट में सप्लाई नहीं तो अमेजन कहां से बेच रहा है? उसने प्रोडक्ट देखा तो उसे बहुत ही कम जानकारी मिली, लेकिन जिस कंपनी का नाम उसपर दर्ज था, वो पाकिस्तान का था। ऐसा कहा जाता है कि 1906 में, हमदर्द के मालिक मजीद नाम के शख्स ने उत्तर भारत में गर्मी के कारण होने वाले हीट स्ट्रोक, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के लिए किसी चीज की खोज शुरू की था। इसी क्रम में रूह अफ़ज़ा का निर्माण किया गया था। मजीद की मृत्यु के बाद, उनकी पत्नी राबिया बेगम ने हमदर्द को एक ट्रस्ट घोषित कर दिया, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से धर्मार्थ गतिविधियों और यूनानी दवाओं पर शोध करना था।

भारत विभाजन के बाद, राबिया बेगम के बड़े बेटे हकीम अब्दुल हमीद भारत में रहे, जबकि छोटा बेटा हकीम मोहम्मद सईद पाकिस्तान चला गया। बड़े भाई की कंपनी भारत में रूह अफ़ज़ा बनाती है, तो छोटे भाई के पास पाकिस्तान में इसे बनाने का अधिकार है। वहीं जब पाकिस्तान से बांग्लादेश टूटा तो वहां भी एक कंपनी रूह अफ़ज़ा बनाने लगी। तीनों कंपनियां एक ही परिवार से संबंधित है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अमेजन को भारत में अपने वेबसाइट से पाकिस्तानी रूह अफ़ज़ा को हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा- “यह आश्चर्य की बात है कि एक आयातित उत्पाद निर्माता के पूर्ण विवरण का खुलासा किए बिना अमेजन पर बेचा जा रहा है।” कोर्ट ने आदेश में कहा कि जब पाकिस्तान स्थित उत्पाद सूची में ‘विजिट द हमदर्द स्टोर’ का विकल्प चुना गया था, तो कस्टमर को हमदर्द लैबोरेटरीज इंडिया की वेबसाइट पर भेज दिया गया, जो गलत है। यह गुमराह करने वाला है। बेंच ने कहा कि चूंकि अमेजन एक मध्यस्थ होने का दावा करता है, उसे विक्रेताओं के नाम और उत्पाद लिस्टिंग के साथ उनके संपर्क विवरण की जानकारी देने का दायित्व है। कोर्ट ने अमेजन को चार सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर को होगी।

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