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नोएडा में सुपरटेक के 40 मंजिला ट्विन टॉवर गिराने का काम दो हफ्ते में शुरू हो : सुप्रीम कोर्ट

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नोएडा में सुपरटेक के 40 मंजिला ट्विन टॉवर गिराने का काम दो हफ्ते में शुरू हो : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नोएडा में रियल एस्टेट डेवलपर सुपरटेक लिमिटेड (Supertech Limited) के अवैध रूप से बनाए गए दो 40 मंजिला टॉवरों (Twin Towers) को गिराने का काम दो सप्ताह में शुरू हो. अदालत ने नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) को 72 घंटे के भीतर संबंधित एजेंसियों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया है ताकि एमेराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट (Emerald Court Project) को गिराने के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा सके.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और सूर्य कांत की पीठ ने कहा, “नोएडा अथॉरिटी के सीईओ इस अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे, इस आदेश के दो सप्ताह के बाद टॉवर को गिराने का काम शुरू होगा.” इस आवासीय परियोजना को भवन निर्माण मानकों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद 40 मंजिला टॉवरों को गिराने के आदेश दिए गए हैं. उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त 2021 को सुपरटेक के निर्माणाधीन 40 मंजिला दोनों टॉवरों को ध्वस्त करने का आदेश देते हुए कहा था कि इस काम को तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए. इसके साथ ही उसने इस परियोजना में घर खरीदने वाले सभी खरीदारों को बुकिंग के समय से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ रकम लौटाने का निर्देश सुपरटेक को दिया था.

17 जनवरी को इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सुपरटेक लिमिटेड को नोएडा में एमराल्ड कोर्ट परियोजना के दो 40-मंजिला टॉवर को ध्वस्त करने के लिए एक कंपनी के साथ एक सप्ताह के भीतर अनुबंध करने का निर्देश दिया था. नोएडा प्राधिकरण ने पीठ को सूचित किया था कि उसने केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की के साथ परामर्श करके दोनों टॉवर को ध्वस्त करने के लिए एडिफिस इंजीनियरिंग का चयन किया है. शीर्ष अदालत ने सुपरटेक लिमिटेड को घर खरीदारों को उनके अधिकारों और विवादों के पूर्वाग्रह के बिना पैसे लौटाने का भी निर्देश दिया था.

इसके बाद न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने 4 फरवरी को एक सुनवाई में सुपरटेक को निर्देश दिया कि वह इस परियोजना के दोनों टॉवर के घर खरीदारों को तय राशि 28 फरवरी तक लौटा दे. न्यायालय की तरफ से इस मामले में नियुक्त ‘न्याय-मित्र’ गौरव अग्रवाल ने घर खरीदारों को लौटाई जाने वाली राशि निर्धारित की है. न्यायालय ने कहा कि बकाया आवासीय ऋण वाले मामलों में कंपनी को 31 मार्च तक कर्ज निपटाना होगा और संबंधित वित्तीय संस्थान से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर 10 अप्रैल 2022 तक जमा करना होगा.

Demolition of Supertech’s 40-storey twin towers in Noida should begin in two weeks: Supreme Court

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