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वापस लौटे कामगार, अब मिलेगा रोजगार!

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वापस लौटे कामगार, अब मिलेगा रोजगार!

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अब जब देश के विभिन्न राज्यों में फंसे झारखंड के प्रवासी मजदूर वापस लौटने लगे हैं, तो सरकार की अगली चिंता उन्हें रोजगार मुहैया कराने की है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित तीन नई योजनाओं – बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना और वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि प्रदेश के 85 फीसदी लोग गांवों में रहते हैं और मुख्य तौर पर उनकी रोजी-रोटी खेतों पर निर्भर है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सरकार ने इन योजनाएं को धरातल पर उतारा है।

क्या है सरकार का लक्ष्य?

  • इन योजनाओं के माध्यम से 25 करोड़ मानव दिवस का सृजन करना
  • लाखों मजदूरों के पारिश्रमिक के तौर पर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का भुगतान
  • अधिक से अधिक जरूरतमंदों को योजनाओं से लाभान्वित करना
  • प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन करना  
  • ग्रामीण क्षेत्रों में भुखमरी व बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न नहीं होने देना

बिरसा हरित ग्राम योजना

ग्रामीण रोजगार उपलब्ध कराने की इस योजना के जरिये सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर-मजरुआ भूमि पर फलदार पौधे लगाये जाएंगे। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी। उन्हें पौधा का पट्टा भी दिया जाएगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें। पौधारोपण के करीब तीन वर्ष बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होने की संभावना है। साथ ही फलों की उत्पादकता बढ़ने की स्थिति में फलों को प्रसंस्करण करने की भी योजना पर सरकार कार्य कर रही है।

योजना के मुख्य बिंदु

  • पांच लाख परिवारों को मिलेगा सौ-सौ फलदार पौधे का पट्टा
  • राज्य भर में पांच करोड़ पौधों का रोपण
  • अगले पांच साल तक पौधों को सुरक्षित रखने के लिए भी सहयोग
  • प्रखंड एवं जिला स्तर पर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना
  • उत्पाद को सुगम रूप से बाजार उपलब्ध कराने की होगी व्यवस्था
  • प्रत्येक परिवार को पचास हजार रुपये की निश्चित वार्षिक आमदनी
  • मनरेगा के तहत 25 करोड़ मानव दिवस का सृजन

नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना

भूमिगत जल का संवर्धन आज के समय की जरूरत है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना की शुरुआत है। योजना के माध्यम से पांच लाख करोड़ लीटर जल वृद्धि की योजना है। साथ ही प्रदेश की बंजर भूमि को खेती योग्य बनाने को कोशिश की जाएगी।

योजना के मुख्य बिंदु

  • जल संरक्षण के विभिन्न अव-संरचनाओं का निर्माण
  • राज्य की वार्षिक जल संरक्षण क्षमता में पांच लाख करोड़ लीटर की वृद्धि
  • मनरेगा के तहत 10 करोड़ मानव दिवस का सृजन
  • पांच लाख एकड़ बंजर भूमि का संवर्धन

वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना

राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जिसे देखते हुए सरकार ने पंचायत स्तर पर खेल का मैदान निर्माण करने की योजना शुरू की है। इस योजना के माध्यम से जहां एक ओर सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के कार्य करेगी, वहीं खेल के माध्यम से नौकरी में आरक्षण भी दिया जाएगा। वीर शहीद पोटो हो ने सिंहभूम में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। 1 जनवरी 1838 को सेरेंगसिया घाटी में वीर शहीद पोटो हो शहीद हो गए थे। इनकी शहादत को युवा पीढ़ी याद रखे, इसी उद्देश्य से उनके नाम से योजना की शुरुआत हुई।

योजना के मुख्य बिंदु

  • सभी पंचायतों सहित राज्य भर में पांच हजार खेल के मैदान का निर्माण
  • युवक एवं युवतियों के लिए खेल सामग्री की व्यवस्था
  • प्रखंड एवं जिला स्तर पर सुसज्जित प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन
  • खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी में विशेष आरक्षण
  • मनरेगा के तहत एक करोड़ मानव दिवस का सृजन

इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री श्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस कठिन परिस्थिति में विभाग द्वारा योजनाओं को लागू किया जा रहा है। दूसरे राज्यों से लौट रहे श्रमिकों को सरकार अपने सीमित संसाधनों के बल पर, रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है। झारखण्ड में जल संचय जरूरी है, ताकि बहुफसलीय खेती की जा सके। वहीं, पौधारोपण पूर्व से ही होता रहा है, लेकिन अब इसका आर्थिक लाभ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि झारखण्ड की धरती को जो चाहिए, उसे धरातल पर उतारा जा रहा है। योजनाओं से कृषि की उत्पादकता क्षमता में वृद्धि होगी। खेल विकास योजना से राज्य की प्रतिभाओं को निखारने में सहायक होगा। साथ ही इन योजनाओं के माध्यम से सरकार पलायन का कलंक भी धो सकेगी।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग अविनाश कुमार, मनरेगा कमिश्नर सिद्धार्थ त्रिपाठी, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, और मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव सुनील श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।

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