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Diwali पर इन राज्यों में पटाखा बैन, जानें किस राज्य में क्या है नियम

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Diwali पर इन राज्यों में पटाखा बैन, जानें किस राज्य में क्या है नियम

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प्रदूषण पर लगाम के लिए राज्यों ने कमर कस ली है। इस दीपावली पर पटाखों से होने वाले प्रदूषण पर रोक के लिए कुछ राज्यों में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध है तो कहीं सिर्फ ग्रीन पटाखों को ही अनुमति दी गई है। कुछ प्रदेशों ने आतिशबाजी के लिए समय सीमा भी तय कर दी है।

दिल्ली – दिल्ली में हर साल सर्दी आते ही एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब स्तर पर पहुंच जाता है और इसे देखते हुए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (Delhi Pollution Control Committee) ने 1 जनवरी 2022 तक राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया है. दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर कंट्रोल के लिए पटाखों की बिक्री पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है.

ओडिशा – त्योहारी सीजन में ओडिशा सरकार (Odisha Govt) ने भी पटाखों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार के आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ‘आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा करने और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए इस त्योहारी महीने के दौरान पटाखों की बिक्री और उपयोग प्रतिबंधित रहेगा.’

राजस्थान – राज्य सरकार ने प्रदेश में पटाखों पर प्रतिबंध के मामले में यू टर्न ले लिया है। यहां एनसीआर क्षेत्र को छोड़कर अन्य जिलों में दीपावली पर दो घंटे रात 8 से 10 बजे तक के लिए ग्रीन पटाखों को चलाने की अनुमति दी गई है। गृह विभाग की ओर से जारी आदेशों में क्रिसमस और नववर्ष पर रात्रि 11.55 से रात्रि 12.30 बजे, गुरु पर्व पर रात्रि 8 से रात्रि 10 बजे तक तथा छठ पर्व पर सुबह 6 से सुबह 8 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। मालूम हो कि कुछ दिन पहले प्रदूषण और कोरोना मरीजों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए सरकार ने राज्य में 1 अक्तूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक इनके विक्रय व उपयोग पर रोक लगा दी थी।

पंजाब – राज्य सरकार ने पंजाब में पटाखों के भंडारण, वितरण, बिक्री, उपयोग और निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि त्योहारों पर सरकार द्वारा ग्रीन पटाखों के उपयोग और बिक्री की अनुमति दी गई है. प्रदेश में दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ही लोगों को पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी.

पश्चिम बंगाल – पश्चिम बंगाल में वायु प्रदूषण को देखते हुए पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. हालांकि दिवाली और छठ पूजा पर ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी. इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है. लोग दिवाली पर रात 8 से 10 बजे और छठ पूजा पर शाम 6 से 8 बजे तक ग्रीन पटाखे जला सकते हैं.

बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे कई अन्य राज्यों ने त्योहारी सीजन में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए कुछ जिलों में पटाखों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है. छत्तीसगढ़ सरकार ने एक विशिष्ट समय निर्धारित किया है जब लोग पटाखे फोड़ सकते हैं. महाराष्ट्र सरकार ने पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन लोगों से इस साल पटाखे जलाने से परहेज करने का अनुरोध किया है.

क्या होते हैं ग्रीन पटाखे?
तय सीमा में आवाज और धुएं वाले पटाखों को ही सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन यानी ईको फ्रेंडली पटाखा माना है। ग्रीन पटाखे दिखने, जलाने और आवाज में सामान्य पटाखों की तरह ही होते हैं, लेकिन इनसे प्रदूषण कम होता है। इनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की कम मात्रा इस्तेमाल होती है। सामान्य पटाखों की तुलना में इन्हें जलाने पर 40 से 50 प्रतिशत तक कम हानिकारण गैस पैदा होते हैं। नीरी के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. साधना रायलू कहती हैं, इनसे जो हानिकारक गैसें निकलेंगी, वो कम निकलेंगी। ये कम हानिकारक पटाखे होंगे।

चीनी पटाखे खतरनाक
देश में 30 प्रतिशत पटाखे गैरकानूनी तरीके से चीन से आते हैं। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के मुताबिक, चीनी पटाखों में प्रतिबंधित लाल सीसी, कॉपर ऑक्साइड और लीथियम सहित कई हानिकारक रसायसनों का इस्तेमाल होता है। इन पटाखों से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं होती हैं। खासकर बच्चों के लिए ये पटाखे ज्यादा नुकसानदायक हैं।

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