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JNU में पहली बार महिला बनेंगी वाइस चांसलर

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JNU में पहली बार महिला बनेंगी वाइस चांसलर

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देश के प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में पहली बार एक महिला वाइस चांसलर बनेंगी. इस पद के लिए सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय की प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित का चयन किया गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि शांतिश्री जेएनयू से ही पढ़ी हैं. शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जेएनयू के वीसी के रूप में प्रोफेसर पंडित का कार्यकाल पांच साल की अवधि या 65 साल की उम्र तक हो सकती है. जेएनयू के विजिटर और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित की बतौर जेएनयू कुलपति नियुक्ति आदेश जारी किए थे. प्रोफेसर पंडित ने अपने अकादमिक कार्यकाल में 29 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है.

प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित प्रोफेसर जगदीश कुमार का स्थान लेंगी जिन्हें हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. शांतिश्री कैलीफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में डिप्लोमा हैं. शांतिश्री इतिहास से बीए और प्रेसीडेंसी कॉलेज मद्रास से राजनीतिक विज्ञान में एम ए हैं. शांतिश्री जेएनयू की पूर्व स्टूडेंट हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने नेहरू पर रिसर्च भी की है. शांतिश्री ने इंटरनेशल रिलेशन पर जेएनयू से एम फिल किया है. उनके रिसर्च का टॉपिक था पार्लियामेंट एंड फॉरेन पॉलिसी-नेहरू एरा. यानी नेहरू के बारे में गहन अध्ययन करने वाली शांतिश्री अब जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति होंगी. यह पहली बार है कि देश के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की कमान किसी महिला वाइस चांसलर के पास होगी. प्रोफेसर शांतिश्री धूलिपुडी पंडित के पास व्यापक अनुभव है. उन्होंने अमेरिका की नामचीन कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से सोशल वर्क में डिप्लोमा भी किया है. इसके अलावा इतिहास और सामाजिक मनोविज्ञान में उन्हें महारथ हासिल है.

प्रोफेसर शांतिश्री ने 1988 में गोवा विश्वविद्यालय से अपने अकादमिक शिक्षण करियर की शुरुआत की और इसके बाद 1993 में वे पुणे विश्वविद्यालय चली गईं. उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक निकायों में प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है. वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की सदस्य भी रही हैं. प्रोफेसर शांतिश्री छह से अधिक भाषाएं जानती हैं. हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल जैसी छह भाषाओं में दक्ष प्रफेसर पंडित कन्‍नड़, मलयालम और कोंकणी भी समझ लेती हैं.जेएनयू के पूर्व कुलपति और यूजीसी के चेयरमेन बनने वाले जगदीश कुमार ने कहा है यह बेहद खुशी की बात है कि शांतिश्री धूलिपुडी पंडित जेएनयू की अगली वाइस चांसलर होंगी. वे जेएनयू में पहली महिला वाइस चांसलर होंगी. मैं दिल की गहराइयों से उन्हें बधाई देता हूं.

For the first time in JNU, a woman will become the Vice Chancellor

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