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चौथी किस्त: 10 बड़ी घोषणाएं

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चौथी किस्त: 10 बड़ी घोषणाएं

FM announced fourth installment of economic package
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को, पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की चौथी किस्त का ऐलान करते हुए कई बड़ी घोषणाएं की। इसमें मुख्य तौर पर कई क्षेत्रों में नीतिगत सुधारों और निजीकरण पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री ने एक तरफ कोयला खनन से लेकर सैटेलाइट लॉन्चिंग तक में निजी क्षेत्र की भागीदारी का रास्ता खोला, तो दूसरी तरफ रक्षा उत्पादन में एफडीआई की सीमा को 74 फीसदी तक बढ़ाने का ऐलान किया। आइए डालते हैं एक नजर, वित्त मंत्री की 10 बड़ी घोषणाओं पर…

1. कोयला खनन क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर

  • कोयला क्षेत्र में सरकार का एकाधिकार समाप्त करते हुए प्राइवेट सेक्टर को भी हिस्सेदार बनाने की घोषणा
  • लगभग 50 कोयला ब्लॉकों का होगा आबंटन
  • राजस्व में हिस्सेदारी की व्यवस्था के तहत निजी क्षेत्र को मिलेंगे कोयले की कॉमर्शियल माइनिंग लाइसेंस
  • घटिया कोयले के आयात को कम करने और कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए उठाया यह कदम
  • कोयले को खान क्षेत्र से बाहर पहुंचाने के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी सरकार

2. खनिज खनन क्षेत्र में कई अहम सुधार

  • इस क्षेत्र के लिए एक सरल, समग्र खोज और उत्पादन व्यवस्था
  • खनिजों के 500 ब्लॉकों की होगी नीलामी
  • एल्युमीनियम उद्योग की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए बॉक्साइट और कोयला ब्लॉकों की होगी संयुक्त नीलामी
  • इससे एल्युमीनियम उद्योग को बिजली की लागत में कमी लाने में मिलेगी मदद  

3. निजी कंपनियों के लिए खुला अंतरिक्ष

  • उपग्रहों, इनके प्रक्षेपण और अंतरिक्ष-आधारित सेवा कारोबार आदि में बढ़ेगी निजी क्षेत्र की भागीदार
  • अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी कंपनियों के लिये बराबर के मौके प्रदान करेगी सरकार
  • निजी क्षेत्र को अपनी क्षमता में सुधार करने के लिये, इसरो की सुविधाओं और संपत्तियों का उपयोग करने की मिलेगी अनुमति
  • निजी क्षेत्रों के लिए भी खुलेंगी ग्रहों की खोज और अंतरिक्ष पर्यटन की भविष्य की परियोजनाएं

4. और खुला होगा भारतीय वायु क्षेत्र

  • भारतीय वायु क्षेत्र के उपयोग की पाबंदियों में ढील देने का ऐलान
  • फिलहाल भारतीय हवाई क्षेत्र का केवल 60 प्रतिशत स्वतंत्र रूप से उपयोग के लिये उपलब्ध
  • अधिक वायु क्षेत्र मिलने से कम होगा हवाई यात्रा का समय और ईंधन की भी होगी बचत
  • इस कदम से नागर विमानन क्षेत्र को प्रति वर्ष लगभग 1,000 करोड़ रुपये का होगा लाभ

5. हवाई अड्डों की नीलामी 

  • निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए छह और हवाई अड्डों की होगी नीलामी
  • पहले और दूसरे दौर में नीलाम किए गए 12 हवाई अड्डों में, निजी कंपनियों द्वारा 13,000 करोड़ रुपये का होगा अतिरिक्त निवेश
  • विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) के लिए कर-व्यवस्था को बनाया युक्तिसंगत
  • विमानन कल-पुर्जों की मरम्मत और एयरफ्रेम रख-रखाव क्षेत्र का कारोबार तीन साल में 800 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद

6. केंद्र शासित प्रदेशों में डिस्कॉम का निजीकरण

  • केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का होगा निजीकरण
  • बिजली की दर को लेकर ऐसी नीति की गारंटी, जिसमें उपभोक्ताओं पर कोई बोझ ना पड़े
  • लगाये जाएंगे स्मार्ट मीटर और सीधे ग्राहकों के खाते में जमा होगी बिजली सब्सिडी की राशि

7. रक्षा उत्पादन में बढ़ी एफडीआई की सीमा

  • रक्षा उत्पादन क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन के लिए कई उपाय
  • डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा 49 से बढ़कर 74 प्रतिशत हुई
  • कुछ हथियारों और उत्पादों के आयात पर रहेगा प्रतिबंध, सिर्फ देश के भीतर की जा सकेगी इनकी खरीद
  • अभी आयात हो रहे कुछ कलपुर्जों का शुरु होगा घरेलू उत्पादन
  • इससे रक्षा आयात खर्च में कमी लाने में मिलेगी मदद

8. कंपनी में तब्दील होगा आयुध कारखाना बोर्ड

  • बेहतर प्रबंधन के लिए आयुध कारखाना बोर्ड को बनाया जाएगा कंपनी
  • बाद में इसे शेयर बाजारों में सूचीबद्ध किये जाने की योजना
  • लेकिन आयुध कारखाना बोर्ड का निजीकरण नहीं किया जाएगा 

9. सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास 

  • सामाजिक ढांचागत परियोजनाओं को आर्थिक दृष्टि से व्यावहारिक बनाने की कोशिश
  • सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय मदद यानी वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) बढ़ाने का ऐलान
  • सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वीजीएफ के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे 8,100 करोड़ रुपये

10. नाभिकीय चिकित्सा अनुसंधान क्षेत्र में निजी भागीदारी

  • मेडिकल आइसोटोप के उत्पादन के लिये पीपीपी मॉडल पर अनुसंधान केंद्रित रियेक्टर (नाभिकीय संयंत्र) होंगे स्थापित
  • इससे कैंसर एवं अन्य बीमारियों के लिए किफायती उपचार होगा उपलब्ध कराएगा।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर तैयार होगा न्यूक्लियर अनुसंधान रियेक्टर
  • खाद्य संरक्षण, कृषि सुधारों में तेजी तथा किसानों की मदद के होगा विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग
Shailendra

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