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GST Collection : अक्टूबर महीने में 1,30,127 लाख करोड़ रहा जीएसटी कलेक्शन

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GST Collection : अक्टूबर महीने में 1,30,127 लाख करोड़ रहा जीएसटी कलेक्शन

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भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी के संकेत लगातार साफ होते जा रहे हैं। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 1.3 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। ये जीएसटी लागू होने के बाद किसी महीने में दर्ज हुआ दूसरा सबसे ऊंचा कलेक्शन है। जीएसटी कलेक्शन में पिछले महीने के मुकाबले 24 प्रतिशत और साल 2019-20 के दौरान अक्टूबर के कलेक्शन से 36 प्रतिशत ज्यादा है।

इसमें 23,861 करोड़ रुपये सीजीएसटी (CGST), 30,421 करोड़ रुपये एसजीएसटी (SGST), 67,361 करोड़ रुपये (माल के आयात पर प्राप्त 32,998 करोड़ रुपये सहित) और 8,484 करोड़ रुपये का सेस (माल के आयात पर प्राप्त 699 करोड़ रुपये सहित) शामिल है। जीएसटी के लागू होने के बाद यह किसी महीने में दूसरा सबसे अधिक कलेक्शन है। इस साल अप्रैल में यह 1.4 लाख करोड़ रुपये रहा था। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन इकॉनमिक रिकवरी के ट्रेंड्स के मुताबिक है। इससे पहले सितंबर में जीएसटी संग्रह 1,17,010 करोड़ रुपये रहा था। अगस्‍त में GST कलेक्शन 1,12,020 करोड़ रुपये और जुलाई में 1.16 लाख करोड़ रुपये रहा था। जून, 2021 में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से कम यानी 92,849 करोड़ रुपये रहा था। मई में यह 98,000 करोड़ रुपये और इस वित्त वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल में जीएसटी संग्रह 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था।

सरकार ने बयान में कहा है कि महीने के दौरान सामान के आयात से रेवेन्यू पिछले साल के समान महीने के मुकाबले 39 फीसदी ज्यादा रहा है. घरेलू ट्रांजैक्शन से मिला रेवेन्यू पिछले साल के समान महीने के मुकाबले 19 फीसदी ज्यादा रहा है, जिसमें सेवाओं का आयात शामिल है.

कैसा रहा राज्यों का प्रदर्शन
जीएसटी रेवेन्यू के लिये राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन देखें तो 5 का प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले गिरा है वहीं एक का स्थिर रहा है। बाकी सभी में ग्रोथ देखने को मिली है। 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कलेक्शन दिखाने वाले राज्यों में से सभी में पिछले साल के मुकाबले ग्रोथ रही है। इसमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु शामिल हैं। इसके साथ ही एक हजार करोड़ से 5 हजार करोड़ रुपये तक आय दिखाने वाले 16 राज्यों में से 15 में ग्रोथ रही है, वहीं एक राज्य उत्तराखंड में एक प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली है।

GST कलेक्शन बढ़ने से क्या होगा?
जीएसटी कलेक्शन बढ़ने से सरकार का राजकोषीय घाटा कम होता है. राजकोषीय घाटा घटने से सरकार पर कर्ज और ब्याज अदायगी का बोझ कम हो जाता है. सरकारें राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए सब्सिडी और बाकी खर्च में कटौती भी करती हैं. वित्त मंत्रालय हर साल बजट में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य तय करता है. अब जीएसटी कलेक्शन बढ़ने से सरकार के लिए इसके टार्गेट को हासिल करना भी आसान हो जाएगा. इससे ज्यादा संख्या में विदेशी निवेशक भी भारत के शेयर बाजार में पैसा लगाएंगे. और इससे बाजार में तेजी आएगी, जिससे घरेलू निवेशकों को भी फायदा मिलेगा.

GST Collection: GST collection in the month of October stood at Rs 1,30,127 lakh crore

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