Type to search

दीदी , गैस कनेक्शन के लिए 2000 मांगता है… शहीद के परिवार से भी? उफ़ कुछ तो शर्म करो!

जरुर पढ़ें देश राज्य संपादकीय

दीदी , गैस कनेक्शन के लिए 2000 मांगता है… शहीद के परिवार से भी? उफ़ कुछ तो शर्म करो!

Share
shahid indian army jharkhand kunal sharangi anni amrita

जमशेदपुर से 100 किलोमीटर दूर बहरागोड़ा प्रखंड के कासाफलिया गांव में काफी गहमागहमी है।पिछले साल जून में गलवान घाटी में यहां का लाल गणेश हांसदा देश की रक्षा में शहीद हो गया था।उसकी याद में देश सेवा की ओर एक कदम बढ़ाते हुए शहीद के भाई दिनेश हांसदा ने नई जिंदगी जमशेदपुर नाम की संस्था के साथ मिलकर रक्तदान शिविर का आयोजन किया है।एक एक करके आम लोग, नेता, विधायक, पूर्व विधायक सभी आ रहे हैं और शहीद गणेश हांसदा के चित्र पर माल्यार्पण कर रहे हैं। पिछले साल जब शहीद का पार्थिव शरीर आया था तब हजारों का हुजूम अपने लाल को देखने उमड़ पड़ा था।तब कोरोना काल की गाईडलाईंस पालन कराना प्रशासन के बूते से बाहर हो गया था।नेता, विधायक, सांसद , मंत्री तब कौन नहीं पहुंचा था।तमाम बड़े बड़े वायदे हुए थे।राज्य सरकार के अलग वायदे, सांसद-विधायक सबने वायदे ही वायदे किए।


एक छोटी सी बात मैंने शहीद के भाई दिनेश हांसदा से पूछी–उज्जवला योजना का लाभ मिला? गैस कनेक्शन हुआ? दिनेश ने बताया कि विभाग की तरफ से गैस चूल्हा रखवा दिया गया है लेकिन कनेक्शन नहीं है।मैंने पूछा क्यों तो बताया कि 2000रूपये मांगता है, मैंने पूछा किसने तो दिनेश खामोश हो जाता है, क्या कहे वह।ये सुनकर मुझे अफसोस होता है।चलिए ये तो उज्जवला गैस कनेक्शन की बात है चलो कहीं पीएम आवास या आश्रित को नौकरी/पेंशन या वायदे के मुताबिक 5एकड़ ज़मीन हेमंत सोरेन की सरकार ने पूरी की होगी।पता चला कि इनमें से कोई भी वायदा राज्य सरकार ने पूरा नहीं किया।चलिए कम से कम इतना तो जरूर किया होगा कि पेट्रोल पंप के लिए एन ओ सी दे दी होगी जो शहीद परिवार का हक होता है।क्या?? वह भी नहीं , उफ सचमुच अफसोसजनक है।शहीद के 70वर्षीय पिता सुखदा हांसदा का अब तक वृद्धा पेंशन चालू नहीं हुआ है। पिछले साल जब मैं शहीद के पार्थिव शरीर के आगमन की लाईव कवरेज कर रही थी तब जनमानस आंसुओ से सराबोर था और नेता, तंत्र, सरकार वायदों की बौछार में लगे थे।आज धरातल पर एक भी वायदा पूरा नहीं होता दिख रहा।
तब गांव के विकास को लेकर लंबे चौड़े वायदे हुए लेकिन आज भी यहां लकड़ी का पोल है , ट्रांसफॉर्मर लगना बाकी है।

तो मैं रक्तदान शिविर की बात कर रही थी जो शहीद गणेश हांसदा के प्रथम पुण्यतिथि पर भाई दिनेश हांसदा के प्रयास से आयोजित हो रहा था।पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी भी पहुंचे और मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए राज्य सरकार पर शहीद परिवार की उपेक्षा का आरोप लगाया।उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिथि से लेकर राज्य सरकार पर चोट करते हुए पूछा कि अन्य वायदे तो छोड़ दीजिए उज्जवला योजना के तहत एक अदद गैस का कनेक्शन भी दे न पाए , ऐसी कौन सी मजबूरी थी??
मौके पर बहरागोड़ा के वर्त्तमान झामुमो विधायक समीर मोहंती भी पहुंचे।शायद इस पवित्र स्थल को भूल गए थे.अब जब सवाल उठने का भय हुआ तो आनन फानन में वायदों को पूरा करने की दिशा में प्रशासन को निर्देश दे डाले।अच्छा तो ये होता कि वे पहले पहल करते तो आज ये गांव एक उदाहरण बन जाता और प्रथम पुण्य तिथि पर हम मीडियाकर्मी एक सुखद खबर बना रहे होते।

लेकिन खैर, शुक्र है कि सेना नहीं भूली।गांव में जो शहीद गणेश हांसदा की याद में पार्क बन रहा है वो कोई सांसद फंड, विधायक फंड या प्रशासन की पहल पर नहीं बन रहा है बल्कि शहीद का परिवार सेना से मिले मुआवज़े के एक हिस्से को अपने लाल की याद में लगा रहा है ताकि इस गांव और क्षेत्र के लोग देश के लिए कुर्बानी देना फक्र समझें।लोग याद करें अपने लाल को और नई पीढ़ी भी उस रास्ते जाने से हिचके नहीं।सलाम है सेना को, रक्षा मंत्रालय को जिसकी बदौलत ये परिवार न सिर्फ खड़ा है बल्कि दूसरों को प्रेरित कर रहा है।इनको 60लाख मुआवजा मिला जिसमें से 20लाख शहीद लाल की याद में पार्क बनाने के लिए खर्च कर रहे हैं।सलाम है सेना को जो अपना वायदा नहीं भूलती और सवाल झारखंड सरकार से कि अब भी नींद खुलेगी???

– अन्नी अमृता

Share This :
Tags:

You Might also Like

1 Comment

  1. Joohi June 17, 2021

    Amrita congratulations for your bold live cove8of ground realities

    Reply

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *