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झारखंड में फिर बढ़ने लगे मामले

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झारखंड में फिर बढ़ने लगे मामले

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कोविड से जुड़े अहम तथ्य

  • झारखंड में पिछले दो-तीन दिनों से दो-दो पॉजिटिव मामले ही आ रहे थे, लेकिन अब ये संख्या फिर से बढ़ती दिख रही है।
  • कोरोना संक्रमित जिलों में अब गोड्डा का नाम भी शामिल हो गया है।
  • झारखंड में संक्रमित मरीजों में से 3 की मौत हुई है, जबकि 20 संक्रमित लोग स्वस्थ घोषित किए जा चुके हैं।
  • राज्य में अभी कोरोना के 86 एक्टिव केस हैं, जबकि राज्य में डेथ रेट 2.80% है ।
  • प्रदेश में संक्रमित लोगों में ज्यादातर 11 से 30 साल के उम्र के हैं। अब के आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या 44 है।
  • इसके बाद सबसे ज्यादा संक्रमित लोग 30 से 50 साल की उम्र के बीच हैं। इनकी संख्या 38 है।
  • वहीं कुल 109 मरीजों में 50 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की संख्या सिर्फ 20 है।
  • अगर लैंगिक आधार पर देखें, तो पुरुषों में कोरोना के मामले ज्यादा पाए जा रहे हैं। अब तक पॉजिटिव मिले मरीजों में 80 पुरुष हैं, जबकि महिलाओं में सिर्फ 29 इसकी चपेट में आई हैं।
कोविड बुलेटिन – 30.04.2020

रेड जोन में है रांची

झारखंड स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कोरोना के विस्तार और इसे लेकर राज्य सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।

  • भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताबिक रांची को रेड जोन में रखा गया है , वहीं नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है। इसके साथ ही बाकी सारे जिले ग्रीन जोन में है।
  • केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले जो ऑरेंज जोन में है, वहां यदि 21 दिनों तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला, तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जाएगा।
  • राज्य में अभी कुल 33 कंटेनमेंट जोन निर्धारित किए गए हैं, जिसमें से 15 रांची में है। इन कंटेन्मेंट जोन में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इन जगहों से न किसी को बाहर जाने न ही किसी को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
  • राज्य में फेस मास्क, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसे प्रत्येक जिले में भी उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही इनका केंद्र में भी स्टॉक रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित को उपलब्ध कराया जा सके।
  • उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 के जांच हेतु 4 जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं। मरीजों की सही से देख भाल हो सके इस हेतु राज्य में अभी 206 वेंटिलेटर बेड भी उपलब्ध हैं।
नितिन मदन कुलकर्णी, स्वास्थ्य सचिव, झारखंड

फिलहाल, सरकार सतर्क दिख रही है और कोरोना को फैलने से रोकने की कोशिश में काफी हद तक कामयाब रही है। लेकिन दो दिनों बाद जब लॉकडाउन खुलेगा, या बाहर से मजदूर पहुंचने लगेंगे, तब जाकर क्या स्थिति होगी, ये कहना मुश्किल है। उदाहरण के तौर पर, राजधानी से रेड जोन यानी हिंदपीढ़ी जैसे छोटे इलाके में भी सरकार पूर्ण तालाबंदी करने में सफल नहीं हो पाई है और यहां के लोगों ने बाहर निकलकर गढ़वा जैसे कई इलाकों तक संक्रमण पहुंचाया है। अगर इस पैमाने पर देखें, तो हिंदपीढ़ी के ढाई लाख लोगों की तुलना में करीब 10 लाख प्रवासी मजदूरों और छात्रों को संभालना और भी दुश्कर होगा।

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