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KamalaHarris: अमेरिका में खिला ‘कमल’

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KamalaHarris: अमेरिका में खिला ‘कमल’

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kamala harris

#blackLivesMatter का अभियान शुरू करने वाले देश अमेरिका में आज  सबसे शक्तिशाली महिला(kamala harris ) एक अश्वेत है …और ये महिला अपनी बहन माया की चार साल की नतिनी अमारा अजागु को कह रही है कि- तुम हो सकती हो दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका की प्रेसीडेंट

CNN की रिपोर्टर Abby Phillip का कहना है कि प्रेसीडेंट ट्रंप का सियासी करियर 2012 में पूर्व प्रेसीडेंट बराक ओबामा के जन्म को लेकर दिए नस्ली बयान से हुआ था और ये खत्म एक अश्वेत महिला के व्हाइट हाउस आने से हुआ। वैसे पूरा सच ये है कि दफ्तर के अलावा वाइस प्रेसीडेंट के तौर पर उनका निवास व्हाइट हाउस नहीं यहां से कुछ मील दूर उत्तर … यूएस नेवल ओबजर्वेटरी में होगा। लेकिन कई भारतीयों को लगता है कि अगला #potus…  #lotus (कमला) ही होगा। व्हाइट हाउस को कमला निवास कहना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन कमला ने शीशे की वो दीवार तोड़ दी है, जिसके दरवाजे पर लिखा था …यहां से आगे श्वेत पुरुष ही जा सकते हैं।  45 प्रेसीडेंट और 48 वाइस प्रेसीडेंट के बाद पहली बार एक महिला व्हाइट हाउस के इतने करीब  पहुंची है।

सालों बाद..जब ये पल बीत जाएगा और हमारे बच्चे और उनके बच्चे हमारी आंखों में देख कर पूछेंगे कि जब इतनी सारी जिंदगियां दांव पर लगी थी, तब आप कहां थे? तब हम उनसे कहेंगे- सिर्फ ये नहीं कि हम क्या महसूस कर रहे थे, बल्कि ये कि हमने तब क्या किया ।

kamala haris at DNC

एक अश्वेत महिला के तौर पर कमला के लिए ये चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्हें एक पतली रेखा से हो कर गुजरना था।  उन्हें बगैर आक्रामक हुए, आकर्षक, प्रभावशाली, सक्षम, अधिकार-युक्त, मजबूत नजर आना था । उन्होंने ये बहुत अच्छी तरह किया। क्योंकि उनकी तालीम और काबिलियत पर सवाल नहीं हो सकते थे…ट्रंप ने उनके हंसने पर आपत्ति की।  ’60 Minutes’ इंटरव्यू में पत्रकार Norah O’Donnell के सवाल पर कमला असहज हो गईं, उन्होंने हंस कर चक्रव्यूह से बाहर आने की कोसिश की। इस पर ट्रंप ने उनका मखौल उड़ाया।

Will Kamala Harris push Biden to the left?

ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने कमला के भारतीय मूल पर सवाल खड़े किए।

मजाक उनके नाम का भी उड़ाया गया। रिपब्लिकन सीनेटर  David Perdue ने कहा कि ये कैसा नाम है, इसे कैसे बोलते हैं ?  “KAH-mah-lah? Kah-MAH-lah? Kamala-mala-mala?! I don’t know, whatever,” जवाब में भारतीय अमेरिकियों ने ट्वीटर पर #MyNameIs की मुहिम ही छेड़ दी …

बाइडेन ने हैरिस को क्यों चुना?

ट्रंप की कमजोरी को अपनी ताकत में तब्दील करने के लिए टीम बाइडेन ने कमला को चुना। ट्रंप महिलाओं के बीच अब तक के सबसे अलोकप्रिय प्रेसीडेंट रहे हैं। अश्वेत महिलाएं परंपरागत डेम वोटर मानी जाती रही हैं, इस बार श्वेत महिलाओं में से कॉलेज जानी वाली लड़कियां और 2016 में ट्रंप का मजबूती से साथ देने वाली कामकाजी महिलाओं में भी बाइडेन के लिए साफ तौर पर रुझान नजर आ रहा था।  

कमला का भारतीय कनेक्शन

विपरीत हालात से निबटने का गुण कमला को विरासत में मिला है। उनकी मां श्यामला 1950 के दशक में जब अमेरिका अकेले तालीम लेने के लिए आईं तब वो महज 19 की थीं। ब्रेस्ट कैंसर रिसर्चर श्यामला की 2009 में कैंसर से मौत हुई। कोरोना से सबसे ज्यादा संक्रमित देश में बाइडेन ने जब ओबामाकेयर की वकालत की तो कमला के लिए उनको समर्थन देना लाजिमी था।सैन फ्रांसिस्को में दो बार डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी चुने जाने के बाद 2010 में जब कमला  कैलिफोर्निया के पहले अश्वेत अटॉर्नी जनरल का चुनाव लड़ रही थीं, तब उन्होने चेन्नई में अपनी मौसी सरला को मंदिर में एक नारियल चढ़ाने को कहा था। मौसी ने दिन भर घूम कर 108 नारियल इकट्ठा किए और बसंत नगर मंदिर में चढ़ाए। कैलिफोर्निया के इतिहास में वो सबसे कम वोट के अंतर से बनने वाली अटॉर्नी जनरल थीं।

कैलिफोर्निया की पहली अश्वेत अटॉर्नी जनरल

अमेरिकी सीनेट में पहली साउथ एशियन मूल की महिला

2024 की संभावित डेमोकेट्र प्रेसीडेंशियल कैंडिडेट

कमल और कमला !

मुकदमे खारिज हो रहे हैं, झूठ पकड़े जा रहे हैं, हमलों से बात नहीं बन रही, बाइडेन पेंसिलवानिया, नेवादा और जार्जिया में बढ़त हासिल कर रहे हैं। ट्रंप के लिए अब कुछ नहीं बचा। ऐलान चाहे जब हो… अमेरिकी प्रेसीडेंट चुनाव का नतीजा आपके सामने है… बाइडेन और कमला जीत चुके हैं।

कश्मीर नीति, यूएपीए, सीएए जैसे कानून …भारत खास कर बीजेपी के लिए अमेरिका में डेमोक्रेट्स का आना शायद किसी डरावने सपने के सच होने से कम नहीं। भारत में वाइस प्रेसीडेंट की मुख्य भूमिका राज्यसभा के स्पीकर की होती है, अमेरिका में वाइस प्रेसीडेंट, प्रेसीडेंट के बाद सर्वोच्च एक्जिक्यूटिव पद है।

I am a proud and patriotic American-  Kamala Harris

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर जब अगली बार कैपिटल हिल जाएंगे तो शायद प्रमिला जयपाल से मिलने से इनकार नहीं कर पाएंगे। 2024 लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी अगर कॉमन सिविल कोड और जनसंख्या नीति को जीत के हथियार के तौर पर आजमाने का इरादा रखती है तो उसे बाइडेन-कमला की तीखी प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए।

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