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Maradona: अगर भगवान फुटबॉल खेलता!

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Maradona: अगर भगवान फुटबॉल खेलता!

Maradona
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सारांश- अर्जेंटीना के महान फुटबॉल खिलाड़ी डियेगो माराडोना (Maradona ) नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वो 60 साल के थे।  दुनिया के महानतम फुटबॉल खिलाड़ी पेले ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा – मैंने एक महान दोस्त और दुनिया ने एक किवंदति खोया है। एक दिन, मैं उम्मीद करता हूं कि हम दोनों जन्नत में साथ फुटबॉल खेलेंगे। 2000 में FIFA ने पेले और माराडोना को शताब्दी के दो महानतम फुटबॉलर करार दिया था। 1958, 1962 और 1970 में ब्राजील को वर्ल्ड कप जिताने वाले पेले ने 1986 में अर्जेंटीना को वर्ल्ड कप जिताने वाले माराडोना के लिए सिर्फ इतनी बड़ी बात क्यों कही? माराडोना में ऐसा क्या था?

Maradona:1986 वर्ल्ड कप की कहानी

1986 वर्ल्डकप में दुनिया ने पहली बार देखा कि फुटबॉल दरअसल सिर्फ एक खिलाड़ी का खेल है जिसे दोनों टीमों के बाकी के 21 प्लेयर सबसे ज्यादा करीब रह कर देखते हैं। फुटबॉल पहले भी खेला गया है लेकिन पास, ड्रिबल या शॉट में  इसके पहले गेंद ने किसी प्लेयर की इस कदर गुलामी नहीं की थी।

Maradona:1986 The Last great world cup

1986 के मेक्सिको वर्ल्ड कप को फुटबॉल का आखिरी महान वर्ल्ड कप कहा जाता है। इस वर्ल्ड कप में जर्मनी के शूमाखर, रुस के बेलानोव, इंगलैंड के गैरी लिनेकर, ब्राजील के करेका , फ्रांस के प्लाटिनी जैसे कई महान खिलाड़ी खेल रहे थे। इनके अलावा बेल्जियम के Ceulemans थे जिन्होंने उस दौर की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक डेनमार्क के खिलाफ चार गोल कर Preben Elkjaer ,Michael Laudrup और Jesper Olsen की स्टार टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। इसी तरह फ्रांस के मिड फिल्डर Luis Fernandez  थे जिन्होंने कनाडा और रुस के खिलाफ अहम गोल करने के बाद क्वार्टर फाइनल में ब्राजील को बाहर करने वाला निर्णायक गोल किया था।

Maradona:  अपने दम पर दिलाई जीत

1982 वर्ल्ड कप में माराडोना बुरी तरह नाकाम रहे थे। लेकिन स्पेन के चार साल बाद जो माराडोना मेक्सिको में खेलने के लिए आया वो एक अलग  ही खिलाड़ी था। 1986 वर्ल्डकप एक तरह से माराडोना ने अकेले ही अर्जेंटीना के लिए जीता था। कैप्टन माराडोना ने साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में हुए तीनों गोल में अहम पास दिए थे। ईटली के खिलाफ मैच में बराबरी का गोल और बुल्गारिया के खिलाफ मैच में दूसरा गोल किया। मजबूत टीम बेल्जियम के खिलाफ उन्होंने दो जादुई गोल किए।

Maradona:The hand of God

इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना मैच में पहले हाफ में कोई गोल नहीं हुआ था। दूसरे हाफ के छठे मिनट में माराडोना इंग्लिश डिफेंस में जगह बनाने में कामयाब रहे। उन्होंने अपने एक साथी को पास दिया जिससे होकर गेंद इंग्लिश मिड फिल्डर स्टीव हॉज के पास आई जिसने गोलकीपर पीटर शिल्टन की ओर लूप कर दिया। मौके का फायदा उठा माराडोना गोलकीपर के पास पहुंच गए और 5 फीट 5 ईंच के माराडोना ने खुद से काफी लंबे शिल्टन से ऊंचा जंप लेकर गेंद नेट में डाल दी। बाद में पता चला कि ये हेडर नहीं था, दरअसल माराडोना ने अपनी बायीं कलाई का इस्तेमाल किया था, जिसे मैच में सिर्फ गोलकीपर को ही इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। लेकिन ट्यूनिशिया के रेफरी ने माराडोना की चालाकी नहीं देखी थी, लिहाजा उसने फाउल नहीं देकर इसे गोल करार दिया। माराडोना ने इस गोल को “the hand of God.” कहा।

Maradona:वो 4 मिनट

फुटबॉल वर्ल्डकप के सबसे विवादित गोल के चार मिनट बाद माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ वो गोल किया जिसे फुटबॉल वर्ल्ड कप का सबसे महानतम गोल कहा जाता है।  करीब 11 सेकेंड में माराडोना ने इंग्लिश टीम के पांच खिलाड़ियों को छकाते हुए खाली गोलपोस्ट में गोल डाल दिया।

Maradona: The War hero

22 जून 1986 को जब मेक्सिको सिटी के अजटेक स्टेडियम में इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना मैच खेला गया, तब चार साल पहले हुए फॉकलैंड जंग के घाव अर्जेंटीना में हरे ही थे। इंग्लैंड की टीम मैच में फुटबॉल खेल रही थी, लेकिन अर्जेंटीना खास कर माराडोना के लिए ये एक जंग थी। इस जीत ने माराडोना को अर्जेंटीना का वार हीरो बना दिया।  उनकी मौत की खबर आने के बाद राजधानी ब्यूनस आयर्स में उनसे प्यार करने वालों ने पोस्टर लगाया जिस पर लिखा था – वो प्यार जिसे बहुत कम लोग समझते हैं।

बोका जूनियर्स ने शोक में अपने स्टेडियम की सारी बत्तियां बुझा दीं, सिवाय उस प्राइवेट सूट के जो माराडोना के लिए रिजर्व थी।

Maradona: अर्श से फर्श तक

 

1991 में माराडोना को कोकीन सेवन का कसूरवार पाया गया। तीन साल बाद उन्होंने अर्जेंटीना में सवाल पूछने आए रिपोर्टर्स पर एयर राइफल से गोली चला दी। उनका निजी जीवन कई तरह के विवादो में रहा। लेकिन एक फुटबॉलर के तौर पर उनके महान होने को लेकर कोई विवाद नहीं है। उनके निधन पर उनकी इटली की टीम नेपोली ने बयान जारी कर कहा – हम सभी आज एक बॉक्सर सा महसूस कर रहे हैं, जिसे नॉक आउट कर दिया गया है। अर्जेंटीना के प्रेसीडेंट  Alberto Fernández ने कहा – आप हमें दुनिया में सबसे ऊपर ले गए। आपने हमें बहुत-बहुत ज्यादा खुशी दी। आप महानतम थे।

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