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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, कुलभूषण जाधव को मिली बड़ी राहत

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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के दबाव के आगे झुका पाकिस्तान, कुलभूषण जाधव को मिली बड़ी राहत

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पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के दबाव की वजह से पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को बड़ी रहात मिली है। पाकिस्तान की संसद ने कुलभूषण जाधव को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय के अनुसार अपील करने का अधिकार देने के लिए एक विधेयक पारित किया है। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना के 51 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने सहमति से इनकार करने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) का दरवाजा खटखटाया था।

पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को उन्होंने बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया है वो पाकिस्तान में भारत के लिए जासूसी कर रहे थे। इससे पहले जून में पाकिस्‍तान की संसद के निचले सदन नैशनल असेंबली ने कुलभूषण जाधव को उच्‍च अदालतों में अपील करने की मंजूरी देने वाले बिल को अपनी स्‍वीकृति दे दी थी। सैन्‍य अदालत की ओर से मौत की सजा का सामना कर रहे कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार नहीं था। इस पर अंतरराष्‍ट्रीय न्‍यायालय ने पाकिस्‍तान को लताड़ लगाई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 10 अप्रैल 2017 को बयान जारी कर कहा था कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने ईरान से अगवा किया है और उनके पास इस बात के कोई सबूत नहीं है कि कुलभूषण जाधव वहां जासूसी कर रहे थे।

पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि कुलभूषण जाधव पूर्व भारतीय नौसैनिक हैं और पाकिस्तान में कई खतरनाक गतिविधियों में शामिल थे। इन्हे 3 मार्च 2016 को गिरफ्तार किया गया था। इसपर भारत सरकार का कहना है कि कुलभूषण जाधव पूर्व नौसैनिक है जो नैसेना से रिटायरमेंट ले चुके हैं। अब एक व्यापारी की हैसियत से ईरान गए थे जहां उन्हे पाकिस्तान ने अगवा कर लिया।

कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान कोर्ट ने 10 अप्रैल 2017 को फांसी की सजा सुनाई थी। 18 मई 2017 को इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान के इस फैसले पर रोक लगा दी। हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जुलाई 2019 में दिए फैसले में कहा था कि पाकिस्तान जाधव को दोषी ठहराने के फैसले और सजा की ‘प्रभावी तरीके से समीक्षा और पुनर्विचार करे’ और साथ ही बिना देरी के भारत को राजनयिक पहुंच दे। अंतरराष्ट्रीय अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि पाकिस्तान जाधव को सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए उचित मंच मुहैया कराए।

कुलभूषण जाधव मामले में कब-क्या हुआ –
3 मार्च 2016: कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी हुई।
24 मार्च 2016: पाकिस्तानी सेना ने जाधव को जासूस बताया और बलूचिस्तान से उनकी गिरफ्तार बताई।
25 मार्च 2016: पाक ने भारत को जाधव के बारे में बताया। भारत ने उसके दावे को ठुकरा दिया।
26 मार्च 2016: भारत ने जाधव को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। भारत ने दावा किया कि वे नौसेना के एक रिटायर्ड अफसर हैं, जिनका ईरान में कार्गो का व्यापार है। पाकिस्तान ने उन्हें वहीं से गिरफ्तार किया और उनकी गिरफ्तारी बलूचिस्तान से होना बताया।
29 मार्च 2016: भारत ने पाकिस्तान से जाधव को दूतावास मदद देने के लिए कहा।
10 अप्रैल 2017: पाक सैन्य अदालत ने जाधव को मौत की सजा सुनाई। भारत ने चेतावनी देते हुए इसे पूर्व निर्धारित हत्या बताया।
11 अप्रैल 2017: भारत की उस वक्त की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज संसद के दोनों सदनों में बयान देते हुए कहा कि जाधव को न्याय दिलाने के लिए भारत हर मुमकिन कोशिश करेगा। उन्होंने जाधव को निर्दोष अगवा भारतीय बताया।
14 अप्रैल 2017: भारत ने पाकिस्तान से चार्जशीट की सर्टिफाइड कॉपी और मौत की सजा सुनाए जाने वाले फैसले की कॉपी मांगी, साथ ही उन तक दूतावास मदद देने के लिए कहा।
15 अप्रैल 2017: पाक ने अरब और आसियान देशों के राजदूतों को कथित जाधव की गिरफ्तारी के बारे में बताया।
20 अप्रैल 2017: भारत ने जाधव के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही के साथ-साथ अपील प्रक्रिया का विवरण मांगा।
27 अप्रैल 2017: भारतीय की उस वक्त की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान में विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज से जाधव के परिवार को वीजा देने की अपील की।
8 मई 2017: जाधव को मौत की सजा सुनाए जाने के खिलाफ भारत ने नीदरलैंड्स के हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत में अपील की।
9 मई 2017: आईसीजे ने जाधव की सजा पर रोक लगा दी।
10 मई 2017: जाधव को अवैध तरीके से कैद में रखने को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने आईसीजे में अपील की।
15 मई 2017: सुनवाई के दौरान भारत ने जाधव की मौत की सजा को तुरंत रद्द करने की मांग की, वहीं पाकिस्तान ने भारत पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया।
18 मई 2017: आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की सजा पर रोक लगाते हुए अपने अंतिम फैसले को टाल दिया। कोर्ट में भारत की ओर से हरीश साल्वे ने पैरवी की। वहीं पाकिस्तान ने कहा कि आईसीजे के आदेश से जाधव केस में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
29 मई 2017: पाकिस्तान ने जाधव के खिलाफ नए सबूत मिलने का दावा किया। पाक विदेश मंत्रालय का कहना था कि जाधव ने पाकिस्तान में आतंकी हमलों से जुड़े इंटेलिजेंस नेटवर्क के बारे में बताया है।
16 जून 2017: आईसीजे ने भारत से 13 सितंबर तक और पाकिस्तान से 13 दिसंबर तक अपना-अपना पक्ष रखने के लिए कहा।
22 जून 2017: जाधव ने पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख के सामने दया याचिका रखी।
2 जुलाई 2017: पाकिस्तान ने जाधव को दूतावास मदद पहुंचाने की भारत की एक और अपील खारिज की। अबतक वो पांच अपील खारिज कर चुका था।
8 दिसंबर 2017: पाक ने जाधव की पत्नी और मां को उनसे मिलने की इजाजत दी। इसके लिए 25 दिसंबर की तारीख तय की गई।
25 दिसंबर 2017: जाधव की पत्नी और मां ने जाकर उनसे मुलाकात की।
17 जुलाई 2018: पाकिस्तान ने आईसीजे में दूसरा काउंटर मेमोरियल दायर किया।
3 अक्तूबर 2018: आईसीजे ने कहा वह 18 फरवरी 2019 से चार दिन तक जाधव केस में सुनवाई करेगा।
18 से 21 फरवरी 2019: सुनवाई के दौरान भारत और पाकिस्तान ने अपना-अपना पक्ष रखा।
4 जुलाई 2019: आईसीजे ने बताया कि 17 जुलाई 2019 को फैसला सुनाया जाएगा।
17 जुलाई, 2019: जाधव मामले में भारत को बड़ी जीत मिली। आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव को दी गई मौत की सजा की समीक्षा करने और उन्हें राजनयिक पहुंच (कॉन्सुलर एक्सेस) प्रदान करने का आदेश दिया।
1 अगस्त, 2019: पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने कहा कि जाधव को 2 अगस्त को राजनयिक पहुंच प्रदान की जाएगी।
अगस्त 2: जाधव को राजनयिक पहुंच प्रदान करने की शर्तों को लेकर मतभेद की वजह से भारतीय अधिकारियों और जाधव की मुलाकात नहीं हुई।
2 सितंबर: इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया ने जाधव से मुलाकात की।


Pakistan bowed before the pressure of the International Court, Kulbhushan Jadhav got a big relief

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