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Punjab : सियासत के ‘बाजीगर’ बने सिद्धू! मुख्यमंत्री के साथ दो डिप्टी सीएम भी लेंगे शपथ

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Punjab : सियासत के ‘बाजीगर’ बने सिद्धू! मुख्यमंत्री के साथ दो डिप्टी सीएम भी लेंगे शपथ

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नवजोत सिंह सिद्धू के पेश किए गए सीएम पद के दावे और दो दिनों तक चले मंथन के बाद आखिरकार आज पंजाब को चरणजीत सिंह चन्नी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिलेगा। सिद्धू के कैप्टन को आउट करने के बाद कई अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे सिद्धू के लिए चुनौती मान रहे हैं तो कुछ को लगता है कि ये सिद्धू के लिए फायदे का सौदा है।

हालांकि कुछ अहम बातों पर गौर करें तो सिद्धू इस पूरे सियासी घटनाक्रम में बाजीगर बनकर उभरे है। बाजीगर इसलिए, क्योंकि भले ही सिद्धू को सीधे तौर पर सीएम पद न मिला हो, लेकिन अब संगठन से लेकर सत्ता तक पर सिद्धू की धाक तय है। सिद्धू की गांधी परिवार से नजदीकी भले ही उन्हें सीएम पद तक न ले जा सकी हो, लेकिन गांधी परिवार का भरोसा उन पर कायम है।

वहीं कांग्रेस के नए विधायक दल के नेता चरणजीत सिंह चन्नी आज सुबह 11 बजे पंजाब के 16वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण का ये कार्यक्रम चंडीगढ़ में आयोजित किया जा रहा है। पंजाब के होने वाले नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले रूपनगर के एक गुरुद्वारे में पूजा-अर्चना की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है।

मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत सिंह चीमा के शपथ ग्रहण के दिन रावत का बयान कि विधानसभा चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, चौंकाने वाला है। यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने की संभावना है। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ दो डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा और ब्रह्म महिंद्रा भी शपथ लेंगे। ब्रह्म महिंद्रा कैप्टन अमरिंदर सिंह के राइट हैंड माने जाते हैं और काफी सीनियर विधायक हैं। पूर्व की कैप्टन सरकार में भी वो कैबिनेट मंत्री थे। चंडीगढ़ के राजभवन में मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह बेहद सादा अंदाज में होगा। राजभवन के हॉल के अंदर कार्यक्रम होगा और वहां मीडिया की एंट्री को भी बैन किया गया है। मुख्यमंत्री के साथ 40 लोग ही राजभवन में जा सकेंगे।

कैसे बाजीगर बने सिद्धू –
हार कर जीतने वाले को ‘बाजीगर’ कहते हैं, पंजाब की सियासी उठापटक में सिद्धू के लिए ये डायलॉग शायद इस वक्त एकदम फिट बैठ रहा है। सिद्धू ने खुद को सीएम बनाने का दांव भी चला और फिर उसके बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा को सीएम बनाने के लिए खूब मेहनत की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो आखिकार सिद्धू की सिफारिश में जो नाम रहा वो चन्नी का ही था। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने चन्नी के नाम की जोरदार पैरवी की और फिर राहुल गांधी ने दिल्ली में सोनिया गांधी और वरिष्ठ नेताओं के साथ लंबी मंत्रणा के बाद चन्नी के नाम को मंजूरी दी। ऐसे में हाकर भी सिद्धू बाजी मार गए. सिद्धू ने चीमा को बधाई भी खास अंदाज में दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “ऐतिहासिक !! पंजाब के पहले दलित सीएम … यह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा. संविधान और कांग्रेस की भावना को नमन! बधाई चरणजीत सिंह चन्नी’ |

Punjab: Sidhu became the ‘baazigar’ of politics! Two Deputy CMs will also take oath along with the Chief Minister

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