Type to search

कैसी है फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’?

जरुर पढ़ें मनोरंजन

कैसी है फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’?

Film gulabo shitabo released on amazon prime video
Share on:

शुक्रवार को फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई। फिल्म में अमिताभ बच्चन और आयुष्मान खुराना लीड रोल में हैं। इसे शूजित सरकार ने डायरेक्ट किया है, जबकि जूही चतुर्वेदी ने फिल्म की कहानी लिखी है। लॉकडाउन की वजह से सिनेमा हॉल में रिलीज करने का कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में निर्माताओं ने इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने का फैसला लिया।

कैसी है फिल्म?

गुलाबो सिताबो दरअसल उन दो कठपुतलियों का नाम है, जो सूत्रधार की तरह पात्रों का परिचय देती हैं। फ़िल्म की कहानी 78 साल के झगड़ालू, कंजूस और चिड़चिड़े स्वभाव के मिर्ज़ा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जान उस हवेली में बसती है, जो उसकी बीवी फातिमा की पुश्तैनी जायदाद है। मिर्जा को अपनी बीवी फातिमा के मरने का इंतज़ार है, ताकि हवेली उसे मिल सके। वहीं इस हवेली में बांके रस्तोगी और उसका परिवार भी रहता है जिसकी मिर्जा से बिल्कुल नहीं पटती। कहानी में मोड़ तब आता है, जब मिर्ज़ा एक बिल्डर को हवेली बेचने की तैयारी कर लेता है और बांके पुरातत्व विभाग के एक अधिकारी को ले आता है। अब हवेली किसे मिलती है, यही इस फिल्म को दिलचस्प बनाती है।

फिल्म में आयुष्मान खुराना और अमिताभ बच्चन ने बेशक बेहतरीन काम किया है। वहीं, अपनी-अपनी भूमिकाओं में विजय राज़, बृजेन्द्र काला और सृष्टि श्रीवास्तव ने भी प्रभावित किया है। आयुष्मान की बहन गुड्डो के किरदार में, कई वेब सीरीज में दिखने वाली सृष्टि श्रीवास्तव का अभिनय काफी जानदार है। सबसे कमाल का काम किया है बेगम का किरदार निभानेवाली फारुख जाफर ने, जिन्होंने 87 साल की उम्र में भी बहुत थोड़े स्क्रीन-स्पेस के बावजूद कहानी में जान डाल दी है।

अमिताभ बच्चन का मेकअप और उभरी हुई नाक कोई खास असर नहीं छोड़ता। अमिताभ इसके बिना भी शायद बेहतर दिख सकते थे। जूही चतुर्वेदी ने कठपुतलियों के खेल गुलाबो सिताबो का जो रूपक इस्तेमाल किया है, वह ठीक तरह से उभर कर नहीं आ पाता। राइटर जूही चतुर्वेदी ने लखनवी ज़ुबान का काफी अच्छा इस्तेमाल किया है और फिल्म के डायलॉग और स्क्रीनप्ले के लिए उनकी तारीफ की जानी चाहिए। लेकिन शुजीत सरकार इस बार अपना पुराना जादू दोहरा नहीं पाये हैं।

कितनी हुई कमाई?

फिल्म विश्लेषकों के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 25-30 करोड़ रुपये का था। फिल्म के प्रमोशन में कोई खास खर्च हुआ नहीं, इसलिए मोटे तौर पर फिल्म पूरी करने में ज्यादा लागत नहीं आई है। वहीं फिल्म जगत के सूत्रों के मुताबिक अमेजन प्राइम वीडियो ने इस फिल्म को लगभग 60 करोड़ रुपये में खरीदा है। इस तरह फिल्म ने अपनी लागत से लगभग दोगुना वसूल कर लिया है। लॉकडाउन के दौर में ये बुरा सौदा नहीं है। वैसे भी, फिल्म समीक्षकों की जिस तरह की राय आ रही है, उससे लगता है कि अच्छा ही हुआ कि ये फिल्म सिनेमा हॉल में रिलीज नहीं हुई। क्योंकि इसके बॉक्स ऑफिस पर पिटने की संभावना भी थी। कुल मिलाकर ये फिल्म मनोरंजक जरुर है, लेकिन बांधनेवाली नहीं। मर्दानी, पीकू, पिंक, विकी डोनर जैसी फ़िल्में दे चुके शूजीत से इससे बहुत बेहतर की उम्मीद थी।

Shailendra

Share on:
Tags:

You Might also Like

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *