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SBI ने 3 साल बाद बढ़ाई ब्याज दर बढ़ाई

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SBI ने 3 साल बाद बढ़ाई ब्याज दर बढ़ाई

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भारतीय स्टेट बैंक ने सभी तरह के लोन पर ब्याज दरों से संबंधित एमसीएलआर में 10 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में यह बढ़ोतरी सभी तरह की रिटेल और संस्थागत लोन पर की गई है। नई ब्याद दरें 15 अप्रैल से ही प्रभावी होंगी। देश के सबसे बड़े ऋणदाता के इस फैसले से सभी तरह के लोन लेने वालों की ईएमआई बढ़ेगी, चाहे वह होम लोन हो या फिर ऑटो या पर्सनल लोन। सबसे बड़ी बात है कि एसबीआई का ब्याज दर बढ़ाने का फैसला दूसरे बैंकों को भी यह कदम उठाने की ओर प्रेरित करेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई ) ने भले ही सबसे ताजा मौद्रिक नीति की बैठक में रेपो रेट नहीं बढ़ाया हो, लेकिन देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) के आधार पर ब्याज दरें 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ा दी हैं। एसबीआई ने ऐलान किया है कि सभी तरह की रिटेल और संस्थागत ऋणों पर एमसीएलआर 10 बेसिस प्वाइंट महंगा हो जाएगा। यह इजाफा 15 अप्रैल से प्रभावी होगा। एक बेसिस प्वाइंट 0.10 के बराबर होता है और हम जानेंगे कि इससे आपकी ब्याज और ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा।

एसबीआई के फैसले से एमसीएलआर के तहत लिए गए सभी तरह के होम, पर्सनल और ऑटो लोन प्रभावित होंगे और सब महंगे हो जाएंगे। आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक एमसीएलआर बैंकों के लिए बेस रेट है। गौरतलब है कि आरबीआई ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है, इसलिए एसबीआई के फैसले से ले ज्यादातर पुराने उपभोक्ता की ही ईएमआई बढ़ने की संभावना है। एसबीआई के लोन मामलों की समझ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार अमित मिश्रा ने वन इंडिया से कहा है कि नए ऐलान से उन्हीं ग्राहकों पर असर पड़ेगा, जिनका लोन 1 अक्टूबर, 2019 से पुराना है। क्योंकि, इस तारीख के बाद से लोन रेपो रेट के आधार पर ही दिए जा रहे हैं। यही नहीं एसबीआई के पुराने ग्राहकों के पास अपना लोन एमसीएलआर से रेपो रेट में बदलने का भी विकल्प है। लेकिन, नए ग्राहक पुरानी लोन व्यवस्था को नहीं अपना सकते हैं।

अब एसबीआई के फैसले से एमसीएलआर के तहत लिए जा रहे ब्याज दरों पर क्या असर पड़ेगा, इसे समझते हैं। ब्याज दर में 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी का मतलब है कि एमसीएलआर के तहत आपकी ब्याज दर यदि अभी 6.65% है तो अब आपको 6.75% के हिसाब से भुगतान करना होगा और इसी दर पर आपकी ईएमआई तय होगी। इसी तरह जो 6.95% ब्याज दे रहे हैं, वो 7.05% और 7.30% वालों को 7.40% ब्याज देना होगा।

एसबीआई का एमसीएलआर के तहत के तहत ब्याज दर बढ़ाने का फैसला यह संकेत है कि अब ऋणों पर ब्याज दर बढ़ने वाली हैं, जो कि उसने तीन साल बाद किया है। एसबीआई के बाद बाकी बैंक भी इसी तरह की घोषणाएं कर सकते हैं। पिछले हफ्ते ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने सभी तरह की लोन पर 0.05% ब्याज दर बढ़ाई थी, जो कि 12 अप्रैल, 2022 से लागू है। बैंक ऑफ बड़ौदा देश का चौथा राष्ट्रीयकृत बैंक है।

SBI hikes interest rate after 3 years

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