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स्वामी स्वरूपानंद के उत्तराधिकारी का हुआ एलान, 2 शिष्यों को मिली मठों की जिम्मेदारी

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स्वामी स्वरूपानंद के उत्तराधिकारी का हुआ एलान, 2 शिष्यों को मिली मठों की जिम्मेदारी

Swami Swaroopanand
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मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में बीते रविवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का निधन हो गया था. उनके निधन के बाद उनका उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया है. स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दो शिष्यों को अलग-अलग मठों की जिम्मेदारी मिली है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ज्योतिषपीठ बद्रीनाथ और स्वामी सदानंद को द्वारका शारदा पीठ का प्रमुख बनाया गया है. इसकी घोषणा स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के पार्थिव शरीर के सामने उनके निज सचविव सुबोद्धानंद महाराज ने की. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अब से आप दोनों पीठों का कामकाज संभालेंगे.

बता दें, क्रांतिकारी साधु के रूप में मशहूर द्वारका पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले स्थित उनके आश्रम झोतेश्वर में हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया था. वह 99 साल के थे. वह धार्मिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर अमूमन बयान दिया करते थे और शिरडी के साई बाबा को भक्तों द्वारा भगवान कहे जाने पर सवाल उठाया करते थे. वह गुजरात स्थित द्वारका-शारदा पीठ एवं उत्तराखंड स्थित ज्योतिश पीठ के शंकराचार्य थे और पिछले एक साल से अधिक समय से बीमार चल रहे थे.

वह स्वतंत्रता सेनानी, रामसेतु रक्षक, गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करवाने वाले तथा राम जन्मभूमि के लिए लंबा संघर्ष करने वाले, गौरक्षा आंदोलन के प्रथम सत्याग्रही एवं रामराज्य परिषद् के प्रथम अध्यक्ष थे और पाखंडवाद के प्रबल विरोधी थे. वह डायलिसिस पर थे और पिछले कुछ महीनों से आश्रम में अक्सर वेंटिलेटर पर रखे जाते थे, जहां उनके इलाज के लिए एक विशेष सुविधा बनाई गई थी. इसके अलावा, वह मधुमेह से पीड़ित थे और वृद्धावस्था संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे थे.

उनके शिष्य दण्डी स्वामी सदानंद ने कहा कि ज्योतिष एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के दिघोरी गांव में हुआ था. उनके बचपन का नाम पोथीराम उपाध्याय था. उन्होंने बताया कि सरस्वती नौ साल की उम्र में अपना घर छोड़ कर धर्म यात्राएं प्रारंभ कर दी थी.

Swami Swaroopanand’s successor announced, 2 disciples got the responsibility of monasteries

Asit Mandal

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