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Taiwan: एक द्वीप जो बन सकता है चीन और अमेरिका में जंग की वजह

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Taiwan: एक द्वीप जो बन सकता है चीन और अमेरिका में जंग की वजह

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@KeithJKrach comes taipei

कभी-कभी एक तस्वीर इतना कुछ कह जाती है जितना शायद बोल कर  नहीं बताया जा सकता।Taiwan की इस तस्वीर में पहले शख्स हैं अमेरिका के Keith Krach, बीच में हैं साई इन्ग वेन, कोरोना से मुकाबले को लेकर दुनिया की नंबर वन नेता और दायीं ओर हैं सेमीकंडक्टर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी के मालिक मॉरिस चांग

अगर कीथ क्रैच भारत आते हैं और यहां उनकी मुलाकात कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल से हो जाती है तो वो खुद को किस्मत वाले समझेंगे, लेकिन ताइवान में उनकी मुलाकात होती है वहां की प्रेसीडेंट साई इन्ग वेन से। इतना ही नहीं, ताइवान की प्रेसीडेंट, क्रैच से  मुलाकात का वक्त ही नहीं निकालतीं, वो उनके लिए और उनके साथ आए डेलीगेशन के लिए राजकीय भोज का आयोजन भी करती हैं, ऐसा इसलिए, क्योंकि अमेरिका में आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी और मिलिट्री स्ट्रैटेजिस्ट के तौर पर महूर क्रैच 1979 से अब तक सबसे बड़े अधिकारी हैं जो ताइवान आए हैं और उनके आने से चीन को इतनी चोट पहुंची कि उसने ताइवान की सीमा में 18 फाइटर जेट भेज दिए। क्रेच का ताइवान आना तो अहम है ही इससे भी ज्यादा अहम है वो कार्यक्रम जिसमें शिरकत करने क्रेच आए हैं। मौका है ताइवान के पूर्व प्रेसीडेंट और चीन के दुश्मन नंबर एक,  ली तेंग हुई Lee Teng-hui के मेमोरियल सर्विस का। ली को ताइवान में लोकतंत्र का पिता माना जाता है ली की याद में होने वाले समारोह में क्रेच की मौजूदगी में जो संदेश है वो चीन से छिपा नहीं है। अमेरिकी प्रेसीडंट ट्रंप चाहते हैं कि ग्लोबल टेक सप्लाई चेन से चीन को बाहर किया जाए और लोकतांत्रिक देशों को इसमें शामिल किया जाए. ताइवान चाहता है कि अमेरिका उसके साथ फ्री ट्रेड डील करे, बदले में वो अमेरिका के साथ अरबों डॉलर की डिफेंस डील करने को राजी है.









KeithJKrach inTaiwan

Taiwan की वजह से हो सकती है अमेरिका और चीन में जंग

taiwan- chinese fighter jets enter into taiwanese area-https://twitter.com/MoNDefense/status/1306851268866965505

 शुक्रवार शाम, चीन के 18 फाइटर जेट्स ताइवान की हवाई सीमा में दाखिल हुए और कुछ मिनट के बाद चीन की सीमा में लौट गए। इके बाद चीनी सेना के प्रवक्ता रेन गुओकियांग का बयान आया-

चीन पर नियंत्रण के लिए ताइवान का इस्तेमाल या रक्षा के लिए विदेशियों पर निर्भरता से कुछ हासिल नहीं होगा.जो लोग आग से खेलने की कोशिश कर रहे हैं, वे जल जाएंगे

चीनी रकार के अखबार ग्लोबल टाइम् के एडीटर Hu Xijin ने चीनी ट्विटर साइट Weibo पर लिखा कि चीन ताइवान पर हमला करने की नीयत से युद्धाभ्यास कर रहा है

“If the U.S. secretary of state or defence secretary visits Taiwan, People’s Liberation Army fighters should fly over Taiwan island, and directly exercise in the skies above it,”

इशारा साफ है कि अगर अमेरिका से अंडरसेक्रेटरी की जगह कोई सेक्रेटरी ताइवान के दौरे पर आते हैं तो चीन ताइवान पर हमला कर सकता है

इससे पहले जब पिछले महीने अमेरिका के हेल्थ सेक्रेटरी Alex Azar ताइपे आए थे, तब भी चीन ने दो दिन तक ताइवान के दक्षिण पश्चिमी तट पर बड़ा जंगी अभ्यास किया था.

दुनिया के ज्यादातर देशों की तरह अमेरिका ने ताइवान को मान्यता नहीं दी है, लेकिन वो ताइवान का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक और समर्थक देश है. चंद रोज पहले यूएनओ में अमेरिका के राजदूत ने न्र्यूर्याक में ताइवान के दूत के साथ लंच किया था. अमेरिकी सीनेटर रिक  स्कॉट Taiwan Invasion Prevention Act विधेयक पेश किया है. ये कानून बन गया तो चीन का ताइवान पर हमला अमेरिका पर हमला माना जाएगा  

ताइवान से चीन के रिश्ते इस कदर बिगड़ चुके हैं कि बीते दो महीने में चीन ने ताइवान के समंदर में 30 से ज्यादा बार युद्धाभ्यास किया है

चीनी सेना के जनरल, chief of the Joint Staff और Central Military Commission के मेंबर Li Zuocheng का कहना है कि

 “If the possibility for peaceful reunification is lost, the People’s armed forces will, with the whole nation, including the people of Taiwan, take all necessary steps to resolutely smash any separatist plots or actions.”

जाहिर है चीन का इरादा साफ है कि अगर ताइवान स्वतंत्र देश बनने की कोशिश करेगा तो चीन उस पर हमला कर देगा. लेकिन इसके साथ ही चीन ये भी जानना चाहता है कि ऐसी स्थिति में अमेरिका का रुख क्या होगा. 1995 में जब अमेरिका के Assistant Defense Secretary, Joseph Nye चीन गए तब चीनी सेना के अफसरों ने पूछा था

What would the U.S. do if China attacked Taiwan?

 Nye का जवाब था: “We don’t know and you don’t know; it would depend on the circumstances.”

ट्रंप के प्रेसीडेंट बनते ही चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते बदल गए. उन्होंने ताइवान की प्रेसीडेंट साई का बधाई संदेश कबूल किया और One China” policy की हंसी उड़ाई.

Taipei के, Yuanshan में HSA Compound में अमेरिका के तीस हजार सैनिक मौजूद हैं. चीन की एक चूक उसे अमेरिका के साथ जंग की ओर ढकेल सकती है.

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