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40 हजार करोड़ का जुआ !

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40 हजार करोड़ का जुआ !

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घुड़दौड़ का शौकीन, 39 साल का एक शख्स, खेल रहा है अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा जुआ…अगर 1500 करोड़ का उसका दांव लग गया तो अब से करीब पांच महीने बाद, महज एक महीने में उसे मिलेंगे 40 हजार करोड़ और ये तो सिर्फ शुरूआत है। अगर वो जीत गया तो दो से तीन महीने में उसके पास आएंगे कम से कम चार लाख करोड़ …इतना ही नहीं, हो सकता है कि ये रकम इससे भी पांच गुनी ज्यादा यानी 20 लाख करोड़ हो।

कौन खेल रहा ये जुआ ?

अदर पूनावाला, CEO Serum Institute of India, Pune

इस शख्स का नाम है अदर पूनावाला। 39 साल के अदर 2009 से पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ हैं। सीरम इंस्टीट्यूट वैक्सीन बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। 140 से ज्यादा देशों में कंपनी कारोबार करती है और इसकी 85% आय ओवरसीज मार्केट से आती है।




लिंकन हाउस मुंबई, 1957 से यहां U.S. consulate का दफ्तर था। 14 सितंबर 2015 को अदर के पिता साइरस पूनावाला ने अमेरिकी सरकार से ये महल करीब 950 करोड़ में खरीदा। भारत में किसी घर की खरीद के लिए ये सबसे बड़ी रकम है। कहते हैं, साइरस ने ये घर वीकेंड में हॉर्स रेसिंग देखने और छुट्टियां मनाने के लिए खरीदा।

 AstraZeneca कंपनी और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जिस कोरोना वैक्सीन को काफी कारगर माना जा रहा है, उसे सीरम इंस्टीट्यूट भारत में बनाएगी।

 अदर की इस योजना को जुआ इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि जब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इस वैक्सीन पर रिसर्च कर रही थी,तभी अदर ने ऐलान कर दिया था कि हम इस वैक्सीन के कामयाब होने की उम्मीद के साथ इसके बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन की तैयारी कर रहे हैं। वो तैयारी अब पूरी हो चुकी है और कंपनी इस स्थिति में है कि एक ओर इस वैक्सीन के तीसरे और चौथे चरण के क्लिनिकल ट्रायल हो रहे होंगे, तो दूसरी ओर सीरम इंस्टीट्यूट में अगस्त के आखिर से इसका प्रोडक्शन भी हो रहा होगा। कंपनी ने इस वास्ते अब तक 200 मिलियन $ खर्च किए हैं। इस तरह नवंबर में ट्रायल के खत्म होते ही, दिसंबर में कंपनी चालीस करोड़ वैक्सीन तैयार कर भारत में डिस्ट्रीब्यूट कर देगी। अगर ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन नाकाम होती तो सीरम इंस्टीट्यूट को इतना बड़ा नुकसान होता कि दुनिया की ये सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी दीवालिया हो सकती थी, लेकिन अब जबकि फेज 1 और फेज 2 के ट्रायल उम्मीद से बेहतर रहे हैं तो उम्मीद है कि यही वैक्सीन देश भर में लोगों को मुफ्त( सरकारी खर्चे पर) दी जाएगी। अदर का अनुमान है कि देश में इस वैक्सीन की कीमत एक हजार के करीब होगी जो चालीस करोड़ लोगों को दी जाएगी। इस तरह दिसंबर के महीने में भारत सरकार कंपनी को चालीस हजार करोड़ की रकम देगी । अफ्रीका के गरीब देशों में अदर इस वैक्सीन को 150 से 200 रुपये की कीमत पर मुहैया कराने वाले हैं, लेकिन बाकी के देशों में इसकी संभावित कीमत कम से कम पांच हजार होने का अनुमान है और कंपनी की तैयारी कम से कम चार अरब वैक्सीन तैयार करने का है। अगर कंपनी कामयाब रही तो उसे इस वैक्सीन से मार्च 2021 तक बीस लाख करोड़ की आय होने का अनुमान है। दुनिया में किसी वैक्सीन से होने वाली ये सबसे बड़ी आय होगी। यही वजह है कि वैक्सीन की इस रेस में चीन और रुस जैसे देश अपनी सरकारी जासूसी एजेंसियों के जरिए ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड और अमेरिका में मॉडर्ना की वैक्सीन की सीक्रेट हासिल करने की कोशिश में लगे हैं।अदूर ने बहुत बड़ा दांव खेला है। शायद पहली बार समूचा देश ये दुआ करता है कि वो ये जुआ जीत जाएं। हमारे लिए देश में ये चालीस करोड़ जिंदगियों का सवाल है।

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