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दुश्मनों से घिरा राजकुमार और उसे बचाने आई बहादुर राजकुमारी

जरुर पढ़ें संपादकीय

दुश्मनों से घिरा राजकुमार और उसे बचाने आई बहादुर राजकुमारी

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बिल गेट्स की “11 rules you will never learn in school में पहला नियम है -“Life is not fair; get used to it- सोच कर देखिए…क्या ये लड़कियों पर ज्यादा लागू नहीं होता

Global Gender Gap Index के मुताबिक महिलाओं के साथ भेद-भाव को खत्म होने में अभी 108 साल और लगेगा।

चाय बनाती औरत, पुलाव पकाती औरत…साबुन की टिकिया पर जान देती, डिटर्जेन्ट की सफाई पर ज्ञान देती औरत…देखने के बाद अक्षय कुमार का नया बनियान एड बहुत सकून देने वाला है

Revealing Dollar's New Brand Identity #DollarBadalGaya

और इस तरह दुश्मनों से घिरे राजकुमार को बहादुर राजकुमारी ने बचा लिया। 

लड़कियों और औरतों को लेकर हमारे समाज में बहुत सारे स्टीरियो टाइप्स हैं, जिनका टूटना जरूरी है।

Barbies are for girls while boys play with cars

Women do bitching all the time

Women can’t hide secrets

Women do gossiping all the time

Women don’t know driving

Women love shopping

Women take hours to dress

They do watch cricket but only to watch cricketers

मर्द को दर्द नहीं होता

लड़कियों की तरह मत रोओ

लड़कियां अशुद्ध हो जाती हैं जब उन्हें पीरियड्स आते हैं

अच्छी लड़कियां शमीज सलवार पहनती हैं, स्कर्ट या जीन्स नहीं

रेप की घटनाओं को उनके लिबास से जोड़ कर देखना भी लड़कियों को एक खास खांचे में रखना ही है। जे के राउलिंग हैरी पॉटर सीरीज लिखती है, अगाथा क्रिस्टी मिस्ट्री लिखती रहीं, लेकिन आम धारणा यही है कि लड़कियां  तो सिर्फ रोमांटिक नॉवेल्स ही पढ़ती हैं।

Katherine Coffman ने हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू में अपने रिसर्च में दिखाया है कि अभी भी हमारे समाज में लड़कियों का मतलब है कुकरी, आर्ट, रोमांटिक मूवीज, मेक अप और बातूनी होना, जबकि लड़कों की दिलचस्पी होती है-business, math, videogames, cars और sports में।

समाज में लड़कियों को लेकर सोच क्या है, किस तरह जाने-अनजाने हम सभी अपने घर में भी इस सोच को बढ़ावा देते हैं, इसे समझने के लिए  #Like  a girl कैंपेन देखिए। जहां पहले लोगों से कहा जाता है कि आप बताइए कि लड़कियां, कैसे दौड़ती हैं, कैसे फाइट करती हैं और फिर यही सवाल लड़कियों से किया जाता है। दोनों के जवाब में जो फर्क है वो आपको हिला कर रख देगा। Run like a girl का मतलब आम लोगों के लिए है… गिरते पड़ते बेढंगे तरीके से दौड़ना,  Fight like a girl का मतलब है किसी को धीरे से बस छू लेना। और जब यही सवाल एक लड़की से किया गया तो उसके लिए Running like a girl” का मतलब था …. running strong,  running with power, running fast. इसका मतलब था  just running

Always #LikeAGirl

पिछले साल नवंबर में NCERT ने देश भर के स्कूलों को सर्कुलर भेज कर कहा कि टीचर्स को पढ़ाते वक्त लड़कों और लड़कियों पर इस तरह एक समान ध्यान देना चाहिए और उन्हें बराबर के मौके देने चाहिए जिससे कि प्ले स्कूल के स्तर से ही बच्चों के जेहन में gender stereotypes टूट जाएं।

हमारे देश में ये इसलिए ज्यादा जरूरी है क्योंकि दिसंबर 2019 में वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कामगारों में महिलाओं की हिस्सेदारी महज 26.9% है जबकि दुनिया का औसत है 48.47%

कपूर एंड संस वाला ..देश बदल रहा है। पंजाब के लुधियाना में एक केमिस्ट पिता ने अपनी दवा दुकान की बोर्ड पर लिखवाया “Gupta and Daughters”

UNICEF का मानना है कि स्पोर्ट्स में लड़कियों को मौका दिया जाए तो उनको लेकर समाज की सोच बदलेगी।इसी सोच के साथ ऑस्ट्रेलिया की यूनिसेफ टीम श्रीलंका में लड़कियों को क्रिकेट से जोड़ रही है।

 2003 में Oxfam ने लड़कियों के खिलाफ cultural stereotypes को तोड़ने के मकसद से National Federation of Taekwondo in Tajikistan से करार किया। आज ताजिकिस्तान की गर्ल्स टीम की  वर्ल्ड रैन्किंग नंबर 2 है।

16 साल की अनोरा ताजिकिस्तान ताइक्वांडो टीम की अहम मेंबर हैं

इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करने के लिए उन्हें क्या करना पड़ा …बस इतना कि लड़कियों को अलग बाथरूम मिले और देश का नाम रोशन करने वाली बेटियों के लिए पढ़ाई का स्कॉलरशिप।

Taekwondo in Tajikistan: Breaking down gender stereotypes | Oxfam GB

लड़कियां बिजनेसवूमन भी बेहतरीन साबित हो सकती हैं।

Sophia Amoruso the author of girl boss

अमेरिका की Sophia Amoruso ने अपनी eBay store को Nasty Gal के नाम के फैशन ब्रांड में तब्दील कर दिया और अपने इसी अनुभव को लेकर एक किताब लिखी #girl boss जो न्यूयॉर्क टाइम्स की बेस्टसेलर लिस्ट में शुमार हुई।

लड़कियां थमने के लिए नहीं  उड़ने के लिए बनी हैं, उन्हें सारा आकाश चाहिए….अभिव्यक्ति की आजादी चाहिए …प्रेम गिलहरी… दिल अखरोट

हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ 
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं 

परवीन शाकिर


देह लजा जाए

जिसकी उपस्थिति में

कपड़ों के पीछे..

और

आत्मा करे नृत्य

निर्वस्त्र!

(बाबुषा कोहली

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