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1500 करोड़ की पैरवी

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1500 करोड़ की पैरवी

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महज एक हफ्ते में चीनी कंपनी टिकटॉक ने अमेरिका में अपना पक्ष सरकार और मीडिया के सामने रखने के लिए $200 मिलियन डॉलर यानी करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

1500 करोड़ पैरवी पर खर्च क्यों ?

टिकटॉक ऐप को बनाने वाली चीनी कंपनी ByteDance के मालिक 37 साल के #Zhang yiming की कोशिश है कि अमेरिकी सरकार भारत की तर्ज पर टिकटॉक को बैन नहीं करे। शुक्रवार को White House, ByteDance और Microsoft के बीच लंबी बातचीत तो हुई लेकिन मुद्दा सुलझ नहीं पाया। कंपनी ने अगले तीन साल में अमेरिका में दस हजार नौकरियां देने का वायदा भी किया है। TikTok के CEO Kevin Mayer ने अपने ब्लॉग में कहा कि डाटा चोरी को लेकर लोगों की चिंता दूर करने के लिए कंपनी अपना    algorithm, moderation policies और data flow की जानकारी देने के लिए तैयार है।

we believe all companies should disclose their algorithms, moderation policies, and data flows to regulators. We will not wait for regulation to come, but instead, TikTok has taken the first step by launching a Transparency and Accountability Center for moderation and data practices. Experts can observe our moderation policies in real-time, as well as examine the actual code that drives our algorithms.”Kevin Mayer,CEO,TikTok

LinkedIn की मिल्कियत की वजह से अमेरिकी कंपनियों में फेसबुक के बजाए माइक्रोसॉफ्ट को टिकटॉक के संभावित खरीदार के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन बाइटडांस कंपनी चाहती है कि 1 बिलियन $ कारोबार वाले टिकटॉक के लिए माइक्रोसॉफ्ट 50 बिलियन $ चुकाए। इसके लिए शुक्रवार को हुई बातचीत में बात नहीं बनी। माइक्रोसॉफ्ट में कुछ लोग इस खरीद के खिलाफ बताए जा रहे हैं, जो याहू के Tumblr और News Corp के Myspace खरीद से हुए भारी नुकसान की मिसाल दे रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट में कुछ लोग चाहते हैं कि टिकटॉक से Musical.ly को अलग कर दिया जाए और टिकटॉक के बजाए सिर्फ Musical.ly को खरीद लिया जाए।

शुक्रवार को बात बनती नजर नहीं आई तो  अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप सामने आए। CNN के White House Correspondent, Kaitlan Collins ने ट्वीट किया कि एयरफोर्स वन से रवाना होते वक्त ट्रंप ने कहा कि वो टिकटॉक को बैन करने का मन बना चुके हैं।

अमेरिका मे टिकटॉक

अमेरिका में टिकटॉक के 16.5 करोड़ यूजर हैं

रिसर्च फर्म Sensor Tower के मुताबिक टिकटॉक को 2 बिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है, इस तरह अमेरिका से जापान तक, फिलीपीन्स से ऑस्ट्रेलिया तक ये दुनिया के सबसे पॉपुलर एप में से एक बन चुका है  

इसे शोहरत मिली है Musical.ly के ऑडियो borrow and remix टूल से। इससे किसी गाने पर lip-synching, dancing या jokes बनाना बेहद आसान हो जाता है।

बाइटडांस ने टिकटॉक को चीन में नहीं सिर्फ इंटरनेशनल मार्केट में लांच किया। चीन में इसके क्लोन Douyin को लांच किया गया  

देखादेखी में फेसबुक ने Lasso नाम से वीडियो मेकिंग टूल लांच किया जो नहीं चला। इसके बाद इंस्टाग्राम ने हाल ही में Reels लांच किया है जिसे टिकटॉक का कॉपीकैट कहा जा रहा है।

अमेरिका टिकटॉक से क्यों डर रहा है?

इंटरनेट पर Alphabet, Amazon और Facebook जैसी अमेरिकी कंपनियों का कब्जा है। टिकटॉक पहली चीनी कंपनी है जो हर दूसरे अमेरिकी के मोबाइल में जगह बना चुकी है। अमेरिकियों को लग रहा है कि टिकटॉक के लिए रास्ता बन गया तो खतरा सिर्फ ByteDance का नहीं, इसके बाद आगे आने वाली चीनी कंपनियों जैसे Alibaba, Baidu और Tencent के लिए भी अमेरिका में राह तैयार हो जाएगी।

चीन की सरकार ने Xinjiang को हाईटेक सर्विलांस से 24 घंटे जेल में तब्दील कर दिया है। Ali pay जैसे वॉलेट के जरिए वो चीनी नागरिकों के हर खर्च पर नजर रख रही है। कोरोना की कांटैक्ट ट्रेसिंग के नाम पर वो कम्यूनिस्ट शासन के विरोधियों का दमन कर रही है। चीन में कानूनन हर चीनी कंपनी को सरकार को अपना पूरा डाटा चीन की सरकार को देना पड़ता है, ऐसे में अमेरिकी प्रशासन के लोग ये मानने को तैयार नहीं कि टिकटॉक चीनी सरकार के लिए सबसे अनमोल डाटा-अमेरिकी नागरिकों का डाटा, चीन की सरकार को नहीं देगी।

अमेरिकी डाटा के लिए चीनियों की बेताबी दो बार सामने आ चुकी है। FBI के मुताबिक 2017 में क्रेडिट कंपनी Equifax और इसके पहले 2015 में अमेरिकी सरकार के Office of Personnel Management के दफ्तर से डाटा चीनी हैकर्स ने चुराए थे। पिछले साल कैलिफोर्निया की अदालत में टिकटॉक पर कैलिफोर्निया के लोगों का डाटा चुरा कर चीन के सर्वर में स्टोर किए जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था । चीन की सरकार बाइटडान्स के सभी एप पर नजर रखती है, ये बात पिछले साल भी सामने आई, जब कंपनी के चुटकुला शेयर करने वाले एप पर एक सरकार विरोधी चुटकुला पोस्ट होते ही सरकार हरकत में आ गई और झांग को अपना कन्फेशन लिख कर अपने गुनाहों की माफी मांगनी पड़ी थी।

टिकटॉक अब हुवावे पार्ट-2 बनने की राह पर है। ये तय नजर आ रहा है कि भारत के बाद पहले अमेरिका और फिर इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में ये कंपनी बैन होने वाली है। यूरोप में पहले से ही कंपनी जांच के घेरे में है।

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