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भारत में कोरोना की चौथी लहर का खतरा बढ़ा

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भारत में कोरोना की चौथी लहर का खतरा बढ़ा

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Corona

चीन के बाद अब जापान और अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना से हालात बिगड़ने लगे हैं. भारत में संक्रमण फिलहाल काबू में है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ साल के ट्रेंड को देखते हुए जनवरी में कोरोना के मामले बढ़ सकते हैं. हालांकि कोरोना टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा का दावा है कि भारत में हाइब्रिड इम्युनिटी की वजह से चीन जैसे हालात बनने की संभावना बहुत कम है.

COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई मजबूत ‘हाइब्रिड इम्युनिटी’ की वजह से पड़ोसी देश चीन की तुलना में बेहतर आकार ले रही है. यह बात देश के वैक्सीन टास्क फोर्स के प्रमुख एनके अरोड़ा ने एक इंटरव्यू में कही. भारत के नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप (NTAGI) के कोविड-19 कार्यकारी समूह के अध्यक्ष एनके अरोड़ा ने यह भी बताया कि चीन के टीकाकरण की स्थिति, कोरोना केसों की गंभीरता और वहां फैलने वाले वैरिएंट्स की जानकारी में भारी गड़बड़ियां हैं.

महामारी की शुरुआत से टीकाकरण अभियान की योजनाओं के साथ निकटता से जुड़े एनके अरोड़ा ने कहा, ”चीन की स्थिति ने हमें फिर से उच्च स्तर पर सावधानी बरतने और कोरोना के खिलाफ सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया है. हमें किसी भी हालत में एक पल के लिए भी लड़खड़ाना नहीं है.” उन्होंने कहा कि भारत कई वजहों से चीन की तुलना में महामारी से लड़ने के मामले में बेहतर स्थिति में है. उनमें एक वजह हाइब्रिड इम्युनिटी है जो टीकाकरण और नैचुरल इम्युनिटी (बीमारी के बाद पैदा होने वाली इम्युनिटी) का मिश्रण है.

नैचुरल इम्युनिटी तब पैदा होती है जब आप किसी रोगाणु से संक्रमित हो जाते हैं और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली इससे लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाती है. संक्रमण से आप बीमार होते हैं लेकिन अगर आप भविष्य में उस विषाणु या जीवाणु के संपर्क में आते हैं तो आपके शरीर का इम्यून सिस्टम उसे पहचान लेता है और शरीर की एंटीबॉडी उससे लड़ने लगती हैं. इससे आपके दोबारा संक्रमित होने या बीमार पड़ने की संभावना कम हो जाती है.

BF.7 वैरिएंट की चिंताओं पर डॉ अरोड़ा ने कहा कि चीन कई वैरिएंट के मिश्रण का सामना कर रहा है और BF.7 वहां के केवल 15 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है.

The danger of the fourth wave of Corona increased in India

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