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हिंदुस्तान से पंगा लेकर चीन को अब तक हजारों करोड़ का नुकसान!

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हिंदुस्तान से पंगा लेकर चीन को अब तक हजारों करोड़ का नुकसान!

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भारत-चीन के बीच मौजूदा समय में भारी विवाद है। सीमा विवाद का असर अब सीधे अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। हालही में दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने अपनी एक मोबाइल और आईटी डिस्प्ले प्रोडक्शन यूनिट चीन से भारत के नोएडा में शिफ्ट करके उसे कम से कम 4,825 करोड़ का झटका दिया है। दरअसल पूर्वी लद्दाख में चीन की नापाक हरकत के चलते चीन को भारत से इस तरह के अब तक हजारों करोड़ रुपये के झटके लग चुके हैं।

चीन को यह चूना भारत की वजह से हर तरफ से लगा है। एक तो भारत ने कोरोना महामारी के दौरान खुद को आत्मनिर्भर बनाने की ठान ली है, चाइनीज माल का बड़े पैमाने पर बहिष्कार किया गया है। ऊपर से देश की सुरक्षा के मद्देनजर भारत ने चीन के 223 से ज्यादा मोबाइल ऐप बंद कर दिए हैं। वहीं, अमेरिका के साथ जारी उसके ट्रेड वार के चलते भी कई बड़ी विदेशी कंपनियां भारत की ओर मूव करने की सोच रही हैं। मोटे अनुमानों के मुताबिक चीन को अब तक 1 लाख करोड़ से ज्यादा का झटका लग चुका है, जिसका असर और भी व्यापक होने वाला है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2020 में ही यह अनुमान जताया जाने लगा था कि ड्रैगन ने भारत से दुश्मनी मोल लेकर कम से कम 51,000 करोड़ रुपये का चूना लगा लिया है। चीन पर आर्थिक प्रहार का पहला बड़ा संकेत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weibo से हटकर दिया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा कर दी कि चाइनीज कंपनी हाइवे प्रोजेक्ट में साझीदार नहीं बन सकेंगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए भी चीन को लाल झंडे दिखा दिए गए। यह सब 15-16 जून को गलवान घाटी में हुई घटना के तत्काल जवाब के तौर पर हुआ था। इससे पहले ही भारत ने बिना चीन का नाम लिए उसकी ओर से आने वाली एफडीआई के नियम सख्त करने शुरू कर दिए थे।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने आशंका जताई थी कि सिर्फ टिकटॉक और हेलो ऐप बैन होने से उसकी पैरेंट कंपनी बाइटडांस को करीब 45,000 करोड़ रुपये की चपत लगेगी। इसके अलावा अकेले पबजी बंद होने से चीन को 5 हजार करोड़ से ज्यादा के नुकसान की आशंका जाहिर की गई थी। इसके अलावा महाराष्ट्र ने 5,000 करोड़ का, हरियाणा ने 780 करोड़ का, रेलवे ने 471 करोड़ का प्रोजेक्ट कुछ महीने पहले ही रोक दिया था। इसी तरह यूपी सरकार ने चाइनीज इलेक्ट्रिसिटी मीटर पर पाबंदी लगाई है तो बिहार सरकार ने पटना में महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बनने वाले विशाल पुल से चाइनीज ठेकेदारों का ठेका रद्द कर दिया है।

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