Type to search

“ब्यूरोक्रेसी की औकात ही क्या है, हमारे चप्पल उठाती है” : उमा भारती के बिगड़े बोल

देश राजनीति

“ब्यूरोक्रेसी की औकात ही क्या है, हमारे चप्पल उठाती है” : उमा भारती के बिगड़े बोल

Share

अपने बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने वालीं बीजेपी नेता उमा भारती का ब्यूरोक्रेसी को लेकर एक विवादित बयान चर्चा का विषय बन गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि “ब्यूरोक्रेसी चप्पल उठाने वाली होती है, हमारी चप्पल उठाती है.” अपने भोपाल स्थित घर पर ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान, जातिगत जनगणना और लिंगायत समाज पर बोलते-बोलते उमार भारती ने कहा, “ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती, उनकी औकात क्या है.”

उमा भारती ने कहा, “आपको क्या लगता है कि ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है. नहीं-नहीं! अकेले में बात हो जाती है पहले, फिर ब्यूरोक्रेसी फाइल बनाकर लाती है. हमसे पूछिए 11 साल केंद्र में मंत्री रहे हैं, मुख्यमंत्री रहे हैं. पहले हमसे बात होती है डिस्कशन होता है फिर फाइल प्रोसेस होती है. सब फालतू की बातें हैं कि ब्यूरोक्रेसी घुमाती है. घुमा ही नहीं सकती, उनकी औकात क्या है, हम उन्हें तनख्वाह दे रहे हैं, हम उन्हें पोस्टिंग दे रहे हैं, हम उन्हें प्रमोशन और डिमोशन दे रहे हैं. उनकी कोई औकात नहीं है. असली बात है कि हम ब्यूरोक्रेसी के बहाने से अपनी राजनीति साधते हैं.”

19 सितंबर को, ओबीसी महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती से भोपाल स्थित उनके बंगले पर मुलाकात की. इस दौरान प्रतिनिधमंडल ने ओबीसी की जातिगत जनगणना और निजीकरण में आरक्षण को लेकर उमा भारती जी को 5 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था और साथ ही चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश सरकार को ओबीसी महासभा की मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेना होगा, अन्यथा ओबीसी महासभा सड़कों पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद, विधायक और मंत्रियों का पुरजोर विरोध करेगी.

प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए उमा भारती ने कहा कि सभी जमीनें प्राइवेट सेक्टर को देने की तैयारी हो रही है. पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, “आरक्षण में है क्या? जब तक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा, आपको क्या मिलेगा? सारा तो प्राइवेट सेक्टर के हाथ में सौंप दिया है. सारी जमीनों को प्राइवेट सेक्टर को देने की तैयारी हो रही है. आपको तो प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण मिलना चाहिए.”

“What is the position of bureaucracy, it lifts our slippers”: Uma Bharti’s bad words

Share This :
Tags:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *