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खरीदें ऐसा सोना, जो टैक्स बचाए, बचत बढ़ाए!

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खरीदें ऐसा सोना, जो टैक्स बचाए, बचत बढ़ाए!

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why you should invest in gold bond

त्यौहारों का सीजन शुरु हो गया है और बढ़ते डिमांड के कारण सोने (gold) की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं। यही वजह है कि सर्राफा बाजार में भी इन दिनों काफी रौनक दिख रही है। लेकिन सोने में निवेश (invest) का एक और बेहतर विकल्प है, जो ना सिर्फ ज्यादा सुरक्षित है बल्कि बाजार भाव से सस्ता और पांच साल में करीब दोगुना रिटर्न देनेवाला है।

हम बात कर रहे हैं सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (sovereign gold bond) की। मोदी सरकार एक बार फिर लोगों को सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। 12 अक्टूबर से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2020-21 की सातवीं सीरीज शुरू हो गई है, और इसे 16 अक्टूबर तक खरीदा जा सकता है। वैसे आपको बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता, लेकिन यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सस्ता और सुरक्षित है।

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना?

भारत सरकार की ओर से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड जारी करता है। सॉवरेन गोल्ड (gold) बॉन्ड योजना भारत सरकार ने सबसे पहले 30 अक्टूबर 2015 को लॉन्च किया गया था। इसका मकसद था, भौतिक सोने (gold) की मांग को कम करना और घरेलू बचत के एक हिस्से को स्थानांतरित करना। इस योजना से मिली राशि का उपयोग सोने की खरीद के लिए किया गया था।

इसे खरीदने से क्या फायदा?

  • आज 24 कैरेट सोने (gold) का मूल्य 51225 रुपये है, जबकि सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के रूप में 50510 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से निवेश का मौका दे रही है।
  • सरकार ने ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का फैसला किया है। ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बॉन्ड की कीमत 5,001 रुपये प्रति ग्राम होगी।
  • अगर 12 अक्टूबर को देशभर के सर्राफा बाजारों में बिक रहे सोने (gold) के औसत मूल्य से तुलना करें तो यह आपको 700 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है।
  • यह फिजिकल गोल्ड (gold) की तुलना में अधिक सुरक्षित है। इसके चोरी होने पर भी आपका नुकसान नहीं होगा, क्योंकि किसी और के लिए इसे भुनाना आसान नहीं है।
  • जहां तक शुद्धता की बात है तो इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के रूप में मिलने वाले इस सोने (gold) का भाव बढ़ने का लाभ निवेशक को तो मिलता ही है, साथ ही उन्हें 2.5 फीसद का गारंटीड फिक्स्ड ​इंटरेस्ट भी मिलता है। इस ब्याज का भुगतान छह महीने में होता है।
  • मैच्योरिटी तक रखने पर इस पर कोई कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा। आपको बता दें कि शेयर पर 10 फीसदी कैपिटल गेंस टैक्स लगता है और डेट फंड के मामले में इंडेक्सेशन के साथ कैपिटल गेन्स टैक्स 20 फीसदी है।
  • वहीं इसका लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। पांच साल के बाद इसे कभी भी भुनाया जा सकता है।
  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड उन निवेशकों के लिए अच्छा है जो लंबी अवधि के लिहाज से निवेश करना चाहते हैं और इसे मैच्योरिटी तक रखना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि इसमें कोई एक्सपेंश रेशियो नहीं है।

दुगुनी होगी रकम

सब्सक्रिप्शन के लिए आज से खुल रहे बॉन्ड की कीमत से तुलना करें तो 5 साल पहले निवेश करने वालों की रकम दोगुनी हो गई है। 30 नवंबर 2015 को सरकार ने 2684 रुपये प्रति ग्राम यानी 26840 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी किया था। आज यही बॉन्ड 50510 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर उपलब्ध है। वैसे तो 2015 में जारी बॉन्ड की मैच्योरिटी 30 नवंबर 2023 को पूरी होगी, लेकिन निवेशक 30 नवंबर 2020 से पैसा निकाल सकते हैं।

कितना सोना खरीद सकते हैं?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में न्यूनतम एक ग्राम का निवेश होना जरूरी है, वहीं एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 400 ग्राम सोने (gold) के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं निवेश की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) होगी। बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।

कहां से खरीदा जा सकता है ये सोना?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सभी कामर्शियल बैंक (आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर), डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। वैसे एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेशक का PAN जरूरी है। 

फाइल फोटो

अब तक कितना हुआ निवेश?

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना संकट के बावजूद निवेशकों ने अगस्त में 908 करोड़ रुपये का और सितंबर में 597 करोड़ रुपये का निवेश किया। पूरे साल की बात करें तो गोल्ड ईटीएफ में अब तक 5,957 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड ईटीएफ में हालिया मिलने वाले रिटर्न की वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

आगे भी है मौका

हालांकि जो निवेशक इस बार गोल्ड (gold) बॉन्ड नहीं खरीद पायेंगे उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसके बाद गोल्ड बॉन्ड की आठवीं सीरीज शुरु होगी। इसके तहत निवेशक नौ नवंबर से 13 नवंबर तक सब्क्रिप्शन ले सकते हैं। वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार अक्टूबर 2020 से लेकर मार्च 2021 तक कुल छह सीरीज में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करेगी।

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