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1 सप्ताह में 48 घंटे काम! सरकार का ये हैं प्रस्‍ताव

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1 सप्ताह में 48 घंटे काम! सरकार का ये हैं प्रस्‍ताव

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आज ज्यादातर लोग सरकारी या प्राइवेट जॉब करते है। कई जगहों पर शिकायत है कि उन्हें उनका पूरा हक़ नहीं मिल पता है। इसको ध्यान में रखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने संसद में हाल ही में पारित एक संहिता में कार्य के घंटे को बढ़ाकर अधिकतम 12 घंटे प्रतिदिन करने का प्रस्ताव दिया है। बता दें कि अभी कार्य दिवस अधिकतम आठ घंटे का होता है।

क्या है प्रस्ताव –

मंत्रालय ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें यानी OSH कोड 2020 के नियमों के तहत प्रस्ताव पेश किया है। नई कार्यअवधि के बीच में अल्पकालिक अवकाश (इंटरवल) भी शामिल हैं। हालांकि 19 नवंबर 2020 को अधिसूचित इस मसौदे में साप्ताहिक कार्य घंटे को 48 घंटे पर बरकरार रखा गया है। मौजूदा प्रावधानों में 8 घंटे के कार्यदिवस में कार्य सप्ताह 6 दिन का होता है जिसमें एक दिन अवकाश यानी छुट्टी का होता है।

इससे होगा फ़ायदा –

  • एक अधिकारी के मुताबिक, यह भारत की विषम जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जहां काम पूरे दिन में बंटा हुआ होता है। इससे श्रमिकों को ओवरटाइम भत्ता के माध्यम से अधिक कमाई करने की सुविधा मिलेगी।
  • मसौदा नियमों में आवश्यक प्रावधान किया है ताकि आठ घंटे से अधिक काम करने वाले सभी श्रमिकों को ओवरटाइम मिल सके।
  • किसी भी दिन ओवरटाइम की गणना में 15 से 30 मिनट के समय को अब 30 मिनट ही गिना जायेगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत 30 मिनट से कम समय की गिनती ओवरटाइम के रूप में नहीं की जाती है।
  • नियमों में कहा गया है कि किसी भी श्रमिक को एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक समय तक किसी प्रतिष्ठान में काम करने की आवश्यक्ता नहीं होगी और न ही ऐसा करने की अनुमति दी जायेगी।
  • काम के घंटे को इस तरीके से व्यवस्थित करना होगा कि बीच में आराम के लिये इंटरवल के समय समेत किसी भी दिन कार्य के घंटे 12 से अधिक नहीं होने चाहिये।
  • कोई भी व्यक्ति कम से कम आधे घंटे के इंटरवल के बिना पांच घंटे से अधिक लगातार काम नहीं करेगा।
  • सप्ताह के हिसाब से हर रोज कार्य के घंटे इस तरह से तय करने होंगे कि पूरे सप्ताह में ये 48 घंटे से अधिक न हो पायें।

बता दें कि अभी हाल ही में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 का मसौदा अधिनियम अधिसूचित करते हुए आपत्तियां और सुझाव मांगें हैं।

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